Shahjahanpur News: शाहबाज के सीने से आरपार हो गईं चार गोलियां, पूर्व सभासद ने कराया सुपुर्दे खाक
शाहजहांपुर। मीरानपुर कटरा के बाजार मोहल्ले में असिस्टेंट प्रोफेसर आलोक गुप्ता की चाकुओं से गोदकर हत्या करने के आरोपी मोहल्ला सराय निवासी शाहबाज के सीने पर पुलिस ने चार गोलियां मारी थीं। गोलियां आरपार हो गईं। आधी रात में शव का पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया। मोहल्ले के लोगों द्वारा शव लेने से इन्कार करने पर पूर्व सभासद ने सुपुर्दे खाक कराया। इस बीच मोहल्ले वाले नमाज-ए-जनाजा में भी शामिल नहीं हुए।
मंगलवार तड़के आलोक गुप्ता की हत्या के बाद उनके छोटे भाई प्रशांत द्वारा सिर पर लकड़ी की पटली मारने से घायल हुए बदमाश शाहबाज को लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था। शाम को कटरा सीएचसी में मेडिकल परीक्षण कराने के बाद पुलिस टीम उसे न्यायालय में पेश करने शाहजहांपुर ला रही थी। रास्ते में पुलिस वाहन के सामने गाय आने पर स्पीड धीमी हुई तो शाहबाज दरोगा इतेश तोमर की सरकारी पिस्टल छीनकर भागने लगा।
पुलिस ने पीछा किया तो उसने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में शाहबाज को गोली लग गई। उसे गंभीर हालात में सीएचसी ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई थी। लोगों को अंदेशा था कि शव को राजकीय मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में लाया जाएगा। वहां पर पुलिस तैनात कर दी गई थी। पुलिस ने शव को रात करीब डेढ़ बजे सीधे पोस्टमार्टम हाउस में भेज दिया।
पैनल के डॉक्टर, फार्मासिस्ट समेत सारे कर्मचारी भी बुला लिए गए। डीएम से अनुमति के बाद कागजी कार्रवाई पूर्ण होने में देरी होने के चलते रात करीब तीन बजे पोस्टमार्टम शुरू हो सका। दो से तीन घंटे तक पोस्टमार्टम की कार्रवाई चली। इस बीच वीडियोग्राफी भी कराई गई। शाहबाज को भागने के दौरान सीने पर पुलिस की चार गोलियां लगी हैं, जो आरपार हो गईं थीं। दोपहर करीब एक बजे शव को पुलिस ने अपनी सुपुर्दगी में लिया और कटरा लेकर पहुंची।
जनाजे की नमाज में मात्र आठ से दस लोग ही थे शामिल
आलोक गुप्ता की निर्दयतापूर्वक हत्या के आरोपी शाहबाज को अपनों के हाथों से अंतिम समय मिट्टी भी नसीब नहीं हो सकी। शाहबाज की गिरफ्तारी के बाद बड़ा भाई साबिर भी गायब हो गया था। बहनें भी इधर-उधर हो गईं थीं। शव को सुपुर्दगी में लेने की बारी आई तो मोहल्ले के लोगों ने इन्कार कर दिया। मकान में ताला पड़ा होने के चलते पुलिस शव को लेकर नगर पंचायत के जलकल विभाग में पहुंची। यहां पूर्व सभासद मोहम्मद जाकिर ने संवेदना दिखाते हुए गुस्ल की रस्म कराई। इसके बाद नायब तहसीलदार सतेंद्र कटियार, इंस्पेक्टर प्रवीण सोलंकी की मौजूदगी में ईदगाह के कब्रिस्तान में कब्र को खुदवाया गया। जनाजे की नमाज मस्जिद छितियान के इमाम मोहम्मद हनीफ ने पढ़ाई। उसके बाद शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया। उसके जनाजे में भी मोहल्ले के लोग शामिल नहीं हुए। जनाजे की नमाज में भी मात्र आठ से दस लोग ही थे।
मौसी शाहिदा और बहनों ने देखा चेहरा
शाहबाज की मौत के बाद उसकी मौसी शाहिदा बेगम निवासी पूरनपुर, पीलीभीत कब्रिस्तान पहुंचीं। उनके साथ शाहबाज की दोनों बहनें भी थीं। भाई का शव देखकर उनकी आंखों से आंसू छलछला आए। आखिरी दीदार के बाद वे कब्रिस्तान से चली गईं।
व्यापारियों ने नहीं खोलीं अपनी दुकानें
शाहबाज के एनकाउंटर के बाद भी लोगों में गुस्सा है। बुधवार को व्यापारियों ने शाम तक अपनी दुकानों को नहीं खोला। व्यापारियों की दुकानों के शटर नहीं उठने के चलते लोगों को जरूरी सामान भी नहीं मिल सका।
आलोक के पिता ने एनकाउंटर को सही ठहराया
बेटे की अंत्येष्टि के बाद सुधीर गुप्ता ने पुलिस द्वारा बदमाश शाहबाज का एनकाउंटर किए जाने को सही ठहराया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने सही काम किया है। शेष आरोपियों पर भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। बेटे के हत्यारों को सजा दिलाने के लिए वह हर संभव प्रयास करेंगे।

