Shahjahanpur News: हार्ट अटैक के रोगियों का रेफरिंग सेंटर बना राजकीय मेडिकल कॉलेज

डॉ. राजीव पांडे, पुवायां। संवाद
विश्व हृदय दिवस पर विशेष
0 हालात गंभीर देखकर डॉक्टर नहीं लेते कोई जोखिम, भेज देते हैं लखनऊ और बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहजहांपुर। जिला अस्पताल से राजकीय मेडिकल कॉलेज बनने के बाद भी मरीजों को बेहतर चिकित्सीय सेवाएं नहीं मिल पा रहीं हैं। सुविधाओं के अभाव में हृदयघात के गंभीर रोगियों को यहां से बरेली या लखनऊ के लिए रेफर कर दिया जाता है।
शुक्रवार को विश्व हृदय दिवस मनाया जाएगा। राजकीय मेडिकल कॉलेज में हर दिन दो से चार मरीज ही आते हैं। हृदय रोग विशेषज्ञ के रूप में डॉ.केसी वर्मा की तैनाती है। मेडिसिन विभाग भी रोगियों का उपचार करता है, लेकिन दिल के गंभीर रोगियों का उपचार नहीं हो पाता है। मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। डॉक्टरों के अनुसार, मेडिसिन से फायदा होने वालों को रोका जाता है। गंभीर हृदय घात के रोगियों को रेफर करते हैं।
फोटो- 06 और 07 में है।
हृदय रोग से बचना है तो तनाव से रहे दूर, करें योग
वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव पांडे के अनुसार, हृदय रोग से बचना है तो तनाव न रखें और योग करें। इससे हृदय रोग से बचा जा सकता है। डॉ. राजीव पांडे ने बताया कि इस वर्ष विश्व हृदय दिवस का विषय है दिल का उपयोग करें, दिल को जाने। उन्होंने बताया कि हृदय रोगों के बारे में जागरूकता और हृदय रोगों से बचने के लिए अपनी जीवन शैली में बदलाव के लिए जागरूक रहें। बदलते सामाजिक परिवेश में चिकनाई युक्त भोजन, बेहद तनावपूर्ण मन:स्थिति, सुस्त दिनचर्या, व्यायाम का अभाव, सिगरेट और शराब के कारण हृदय रोगों में बढ़ोतरी हुई है। ज्यादा चिकनाई युक्त भोजन का सेवन करने से हृदय की धमनियों में कोलेस्ट्रॉल की परत जमा होने लगती है, जिस कारण हृदय की धमनियां ब्लॉक हो जाती हैं और बहुत तेज सीने में दर्द के साथ हार्ट अटैक हो सकता है। समय रहते ब्लड प्रेशर को नियमित न किया जाए तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते है।
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शराब, सिगरेट हृदय के दुश्मन
डॉ. राजीव पांडे ने बताया कि शराब और सिगरेट हृदय की धमनियों को सख्त करते हैं, जिस कारण धमनियों में रक्त के प्रवाह में कमी आ जाती है। इससे बचना चाहिए। जिंदगी में तनाव को दूर करने में योग के विभिन्न आसनों को अपनाकर ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करें।
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बच्चों में बार-बार गला खराब होना, बुखार आना, जोड़ों में दर्द का रहना रूमेटिक हृदय रोगों का लक्षण माना जाता है। अभिभावकों को समय रहते किसी हृदय रोग विशेषज से सलाह लेना चाहिए। विभिन्न जांचों जैसे ईसीजी, ब्लड लिपिड प्रोफाइल, ब्लड शुगर, इकोकार्डियोग्राफी से हृदय रोगों का कोई अधिक नुकसान होने के पहले ही पता लगाया जा सकता है।
-डॉ.राजीव पांडेय, हृदय रोग विशेषज्ञ

डॉ. राजीव पांडे, पुवायां। संवाद