Shahjahanpur News: ‘निकल आया था मझधार से…, साहिल पे उलझ गया हूं’


नंदिनी कला केंद्र की काव्य गोष्ठी में मौजूद कवि व शायर। संस्था
शाहजहांपुर। नंदिनी कला केंद्र एवं सशक्त भारत फाउंडेशन की ओर से विमल शर्मा के आवास पर काव्य गोष्ठी हुई। वरिष्ठ कवि चंद्रशेखर दीक्षित और विमल शर्मा की अध्यक्षता एवं विक्रम श्रीवास्तव टिकैत के संयोजन में कवियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। चंद्रमोहन पाठक ने सुनाया, बढ़ रहे शुंभ निशुंभ आज फिर यहां, न ओर छोर महिषासुरों का भी पाइए। लेकर त्रिशूल काट पापियों के शीश मातु…। शायर ऋषभ कुमार मिश्रा ने कहा कि कहानी लिखी भी तो मेरे ही खून से यार ने, नाम मेरा ही कहानी से हटाया उसने। विमल शर्मा दर्पण ने सुनाया, उभरने की लिए दिल में फितरत, गर्त में आ फंसा हूं। निकल आया था मझधार से कभी का, साहिल पे उलझ गया हूं। इनके अलावा ज्ञानेंद्र मोहन ज्ञान, सुशील दीक्षित विचित्र, चंद्रशेखर चंद्र, कमल मानव, मनोज कृष्ण मिश्र ने भी अपनी रचनाएं सुनाईं। इस मौके पर रंगकर्मी सुहेल संयासी, राकेश शर्मा, कमल, सुनील, प्राची, गुन्नू, मुरारी, शत्रुघ्न, हर्षित, सक्षम, शिवम, नैतिक, लल्ला, शशांक, भोले आदि मौजूद रहे। संवाद