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Shahjahanpur News: जाम पर भारी आस्था…चार घंटे फंसकर पहुंचे मेला, किया गंगा स्नान

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मिर्जापुर। ढाईघाट में कार्तिक पूर्णिमा पर सोमवार को लाखों श्रद्धालु पहुंचे। इससे जलालाबाद-ढाईघाट स्टेट हाईवे पूरी तरह जाम हो गया। पुलिसकर्मी भी इसे खुलवाने में बेबस होकर दूर जाकर खड़ी हो गए। मेला स्थल के दोनों ओर करीब पांच-पांच किलोमीटर तक वाहनों की कतार लगी थी। कई श्रद्धालु तो सुबह नौ बजे फंसे तो दोपहर तक मेला स्थल तक नहीं पहुंच सके। करीब चार घंटे बाद मशक्कत कर गंगा घाट पर पहुंचकर उन्होंने स्नान कर पुण्य लाभ कमाया।

जिला पंचायत के प्रबंधन में 23 नवंबर से ढाई घाट गंगातट पर कार्तिक मेला चल रहा है। इस बार पहली बार मेले में सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए थे जिससे मेले में चोरी और उठाईगीरी की घटनाएं हुई तो आसपास के गांव के नाबालिग बच्चों को पकड़ लिया गया। उनसे सामान भी बरामद हुआ।

वीआईपी घाट पर गंदगी देख डीएम ने जताई नाराजगी : गंगातट पर गंदगी के बीच बनाए गए वीआईपी घाट पर गंगास्नान करने पहुंचे डीएम उमेश प्रताप सिंह ने गंगास्नान के बाद गंदगी के बीच वीआईपी घाट चयन करने वाले प्रशासनिक अधिकारियों से नाराजगी जताई। मेले में आंतरिक सुरक्षा, यातायात के लिए सड़के, प्रकाश, पेयजल, सफाई, शौचालयों आदि की व्यवस्थाएं चाक चौबंद रहीं। लेकिन मेला मार्ग पर श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ से यातायात व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त जो गई। मेले से लगभग तीन किलोमीटर पहले हाईवे पर लगे जाम में फंसे श्रद्धालु लगभग चार घंटे में रेंगते हुए गंगातट पर पहुंच सके।

गंगा तट पर गोताखोर मोटर वोट लेकर डटे रहे : गंगा घाटों पर सुरक्षित गंगा स्नान के लिए मेला प्रबंधन ने मजबूत बैरीकेडिंग के साथ मोबाइल कर रहे चार मोटर वोट लगातार स्नानार्थियों पर नजर रखे रहे। गोताखोर भी गंगा घाटों पर लगातार नजर बनाए रहे। जिससे पिछले माघ मेले की तरह किसी के डूबने की घटना की पुनरावृत्ति नहीं हुई।

संकरे पुल पर जाम से जूझना पड़ा श्रद्धालुओं को : मुख्य मेला मार्ग जलालाबाद-ढाईघाट, शमशाबाद, बिधूना स्टेट हाईवे श्रद्धालुओं की उमड़ती भीड़ से संकरा पड़ गया। जिससे श्रद्धालुओं को लेकर आई तीन बसें मेले के समीप जाम का कारण बनी रहीं। शाम चार बजते ही श्रद्धालुओं की वापसी शुरू हो गई। मेले से वापसी में ढाईगांव के संकरे पुल पर भी जाम से श्रद्धालुओं को जूझना पड़ा। बाइक चालकों ने संकरे पुल के नीचे कीचड़युक्त रास्ते से निकलने में ही भलाई समझी।

खोया पाया शिविर ने 132 बिछड़े बच्चों और बुजुर्गों को मिलवाया : मेले में लाखों की भीड़ में दोपहर तीन बजे तक अपनों से बिछड़े 132 बच्चों और बुजुर्गों को खोया-पाया शिविर के माध्यम से उनके परिजनों से मिलवाया गया। इस बार मेला प्रबंधन की ओर से गतवर्षों की भांति इस वर्ष खोया-पाया शिविर में अपनों से बिछड़े मासूम बच्चों को बहलाने के लिए टॉफी-बिस्कुट, मूंगफली आदि की कोई व्यवस्था नहीं की गई। जिससे बच्चों को बहलाना मुश्किल हो गया।


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