Shahjahanpur News: डिमांड में फंसा धौरहरा की 60 समूह सखियों का मानदेय

एनआरएलएम कार्यालय में पूछताछ के पास खड़ी समूह सखी पिंकी
लखीमपुर खीरी। धौरहरा ब्लॉक की 60 समूह सखियों को एक वर्ष से ज्यादा समय से मानदेय नहीं मिला है। मानदेय की आस में समूह सखी ब्लॉक और विकास भवन के चक्कर लगा रहीं हैं। आरोप है कि मानदेय के भुगतान का काम देखने वाले जिला मिशन प्रबंधक भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे रहे।
मंगलवार की दोपहर 1:30 बजे धौरहरा ब्लॉक के गुदरिया की समूह सखी पिंकी अपने छोटे बच्चे के साथ विकास भवन के एनआरएलएम कार्यालय में खड़ी थीं। पूछने पर बताया कि एक वर्ष से ज्यादा समय से उन्हें मानदेय नहीं मिला है। ब्लॉक के चक्कर काटने के बाद वह कई बार विकास भवन आ चुकी हैं। यहां जिला मिशन प्रबंधक कासिम से मिलना था। वह कार्यालय में मिले नहीं। फोन भी नहीं उठा रहे हैं। यह भी बताया कि ब्लॉक के सभी समूह सखियों का मानदेय बकाया है। सुबह से इधर से उधर भटक रहीं समूह सखी को एनआरएलएम कार्यालय में किसी ने भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
डिमांड आए तो मानदेय का भुगतान हो जाए
जिला मिशन प्रबंधक कासिम ने बताया कि धौरहरा ब्लॉक के बीएमएम (ब्लॉक मिशन प्रबंधक) ने मानदेय से संबंधित डिमांड नहीं भेजी है, जबकि डिमांड के लिए कहा जा चुका है। मानदेय की डिमांड मिले तो एक सप्ताह में भुगतान हो जाएगा। बताया कि अन्य किसी ब्लॉक में इस तरह की समस्या नहीं है।
समूह सखी को मिलता है यह मानदेय
समूह सखी तीन स्तर पर चयनित की जाती हैं। चयन और जिम्मेदारी के हिसाब से उन्हें मानदेय मिलता है। जिला मिशन प्रबंधक ने बताया कि सात स्वयं सहायता समूहों की जिम्मेदारी संभालने वाली समूह सखी को आठ सौ रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता है। आठ से 10 समूह वाली सखी को एक हजार और 10 से 12 समूहों की जिम्मेदारी संभालने वाली समूह सखी को 1200 रुपये मानदेय मिलता है।
कार्यालय गेट पर टपकता पानी
विकास भवन के एनआरएलएम कार्यालय में भी कई अव्यवस्थाएं हैं। मंगलवार को जिला मिशन प्रबंधक कार्यालय के गेट पर छत से बारिश का पानी टपक रहा था। सीढि़यों के पास भी पानी टपकता नजर आया। कार्यालय में कई कर्मचारियों की कुर्सियां खाली थीं।