Shahjahanpur News: पराली जलाने की घटनाओं पर लगा अंकुश, पांचवें स्थान पर पहुंचा जिला

गोशाला में पराली ले जाने के लिए किसान ट्रॉली में भर रहे पराली। स्रोत प्रशासन
शाहजहांपुर। पराली जलाने की घटनाओं के मामले में प्रशासन की कवायद ने असर दिखाया है। गत वर्ष पराली जलाने के मामलों में जिला पहले स्थान पर था वहीं इस बार पांचवें स्थान पर है। पिछले वर्ष 22 अक्तूबर तक पराली जलाने की घटनाएं 90 हुईं थीं। इस वर्ष अब तक 29 घटनाएं हुईं हैं।
वर्ष 2021 में पराली जलाने की 181 घटनाएं हुईं थीं। इस बार प्रशासन ने पराली जलाने की घटनाओं को रोकने की काफी तैयारी की। कृषि विभाग ने 79 कर्मचारियों को लगातार निगरानी के लिए लगाया। तहसील स्तर पर एसडीएम तो ब्लॉक स्तर पर बीडीओ को नोडल अधिकारी बनाया गया। ग्राम पंचायत स्तर पर सचिव और ग्राम प्रधान को निगरानी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। अब तक पराली जलाने के मामले में 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। रविवार रात तिलहर में पराली जलाने की दो घटनाएं हुईं हैं।
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70 हजार किसानों को मुफ्त में दिया गया डीकंपोजर
पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए 70 हजार किसानों को मुफ्त में डीकंपोजर दिया गया। इससे पराली को नष्ट करके खाद बनाई जानी है। कृषि विभाग की टीम ने गांव-गांव जाकर डीकंपोजर को वितरित किया। 198 क्विंटल पराली को गो आश्रय स्थल में भेजा गया। 2620 टन पराली को बदायूं स्थित बायोगैस प्लांट भेजा जा चुका है।
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पराली जलाने में टॉप फाइव जिलों की सूची
अलीगढ़- 72
मथुरा- 68
पीलीभीत- 63
बाराबंकी- 37
शहजहांपुर- 29
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पराली जलाने की घटनाओं को रोकने लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। टीमें भ्रमणशील हैं। पराली जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
– धीरेंद्र सिंह, उप कृषि निदेशक