Shahjahanpur News: 12 करोड़ में से 60 लाख का कमीशन मांग रहा था जगवीर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sun, 08 Oct 2023 12:41 AM IST
शाहजहांपुर। सड़क उधेड़ने के मामले में विधायक का करीबी जगवीर सिंह फर्म से निर्माण की लागत 12 करोड़ में से पांच प्रतिशत यानी 60 लाख रुपये कमीशन मांग रहा था। इस मामले में गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों को शनिवार को जेल भेज दिया गया। घटना का मास्टरमाइंड जगवीर पुलिस के हत्थे अभी तक नहीं चढ़ा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए एसओजी समेत तीन टीमें लगी हैं।
फर्म मै. शकुंतला सिंह के मालिक रमेश सिंह ने जैतीपुर थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था कि दो अक्तूबर की रात जैतीपुर-दातागंज बदायूं मार्ग पर निर्माण कार्य के दौरान धमकाते हुए जेसीबी मशीन से सड़क उखाड़ दी थी। रमेश ने मुख्य आरोपी जगवीर के साथ 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि जगवीर ने खुद को विधायक का करीबी बताते हुए प्लांट में आग लगाने की धमकी दी फिर सड़क उखाड़कर शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। मामले की गूंज लखनऊ तक हुई थी। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। उन्होंने दोषियों से ही नुकसान की भरपाई कराने का आदेश दिया। इसके बाद प्राथमिक जांच में दस लाख नौ हजार रुपये का नुकसान होने की बात सामने आई। पुलिस ने जांच शुरू करते हुए वादी व स्टाफ के बयान दर्ज किए। बयान में रंगदारी मांगने के साथ धमकाने की बात सामने आई। सात किलोमीटर की इस सड़क का निर्माण 12 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। इस आधार पर जगवीर पांच प्रतिशत कमीशन यानी करीब 60 लाख रुपये मांग रहा था। पुलिस ने मुकदमे में रंगदारी मांगने की धारा बढ़ा दी। पुलिस की टीमों ने जांच के दौरान सामने आए नामों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया। पुलिस ने कटरा के पंचू गंगवार निवासी पृथ्वीपुर नगरिया व पवन निवासी सहजना व गढि़या रंगीन के विनोद निवासी पहाड़पुर, रामबरन निवासी ग्राम जौरा पट्टी अंचल व सुरजीत निवासी आजमबाद को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद आरोपियाें को जेल भेज दिया गया। वहीं पुलिस जगवीर का आपराधिक इतिहास भी तलाश रही है।
गिरफ्तार आरोपियों ने स्वीकारा, जगवीर के इशारे पर उखाड़ी सड़क: जैतीपुर पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की। इसमें उन्होंने स्वीकार किया कि जगवीर के इशारे पर ही सड़क को उखाड़ा था। दो अक्तूबर की रात जगवीर उन्हें लेकर आया और स्टाफ को धमकाते हुए पांच प्रतिशत कमीशन की मांग की थी। जगवीर ने पंजू गंगवार को फोन कर जेसीबी मंगाई थी। इसके बाद ड्राइवर पवन कुमार जेसीबी लेकर पहुंचा था। पुलिस की जांच में सामने आया कि 30 से 40 मिनट तक जेसीबी चलाई गई। इस बीच जगवीर वहीं पर खड़ा रहा। उसने बायीं तरफ की पूरी सड़क उखड़वा दी।
विधायक के करीबी पर हाथ डालने से कतरा रही पुलिस: जगवीर सिंह का क्षेत्र में विधायक वीर विक्रम सिंह से नजदीकी के चलते काफी दबदबा माना जाता है। विधायक का करीबी होने के चलते पुलिस उस पर हाथ डालने से कतरा रही है। पुलिस ने जगवीर के इशारे पर सड़क उखाड़ने वालों पर शिकंजा कसते हुए गिरफ्तार कर लिया, लेकिन मास्टरमाइंड जगवीर की लोकेशन तक पुलिस नहीं तलाश सकी है। वहीं चर्चा है कि जगवीर ने सरेंडर कर दिया गया लेकिन पुलिस के अधिकारी इन्कार कर रहे हैं। एसपी देहात संजीव कुमार वाजपेयी ने बताया कि मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जगवीर की तलाश के लिए तीन टीमें लगाई गई। जल्द ही उसकी गिरफ्तारी होगी।