Shahjahanpur News: कार्तिक मेला शुरू, पहले दिन नहीं आए श्रद्धालु

गंगा के किनारे रेत पर बसा तंबुओं का शहर। स्रोत जागरुक पाठक
मिर्जापुर। गंगा किनारे ढाई घाट पर लगने वाले कार्तिक मेले की बृहस्पतिवार से शुरुआत हो गई। पहले दिन श्रद्धालु नहीं आए। दुकानदार अपने सामान के साथ पहुंचने लगे हैं। माना जा रहा है कि 25 नवंबर से भीड़ जुटनी शुरू होगी। मेला आयोजक जिला पंचायत अब तक व्यवस्थाओं को पूर्ण नहीं करा सका है। बिजली, शौचालय, हैंडपंप, साफ-सफाई, सुरक्षा आदि की व्यवस्था बृहस्पतिवार रात तक भी पूरी नहीं की जा सकी थीं।
पहले दिन पंडों ने श्रद्धालुओं के लिए रंगबिरंगी राउटी लगा दी हैं। ऑफीसर्स काॅलोनी के बड़े-बड़े टेंट लग जाने और दुकानदारों के आने से मेले में रौनक आने लगी है। मेले में पहली रात में ही गंगा घाटों पर अंधेरा रहेगा। मेले के मुख्य बाजार में लाइट लगाई जा चुकी हैं। घाटों पर महिलाओं के लिए स्नानागार भी अभी नहीं बने हैं। मेला व्यवस्थापक पिंटू मिश्रा ने बताया कि शुक्रवार तक घाटों पर बिजली और स्नानागार बनवा दिए जाएंगे। इस बार सदर घाटों पर जिला पंचायत की ओर से पांच टिन के स्नानागार और अन्य घाटों पर पॉलीथिन के स्नानागार बनाए जा रहे हैं। जिला पंचायत के मेला इंचार्ज अनिल कुमार द्विवेदी ने बताया कि नगर पंचायतों से मेले के लिए 10 मोबाइल शौचालयों की मांग की गई है। तीन मोबाइल शौचालय मेले में आ चुके हैं। सड़कों पर टैंकर से पानी का छिड़काव करवाया जा रहा है।मेले में 50 हैंडपंप लगवा दिए गए हैं।
-कर्मचारी-ठेकेदार में नहीं बैठा तालमेल, दुकानदार परेशान
मेले में पहली बार तहबाजारी का ठेका दिया गया है। दुकानों के लिए स्थान आवंटन में जिला पंचायत कर्मचारियों और तहबाजारी ठेकेदार के बीच तालमेल नहीं बैठने से दुकानदार परेशान हो रहे हैं। तमाम दुकानदारों की दुकानों का स्थान आवंटित नहीं होने से दुकानों का सामान बंद पड़ा है। वे स्थान आवंटन के लिए कभी जिला पंचायत तो कभी ठेकेदार के चक्कर काट रहे हैं।
एसडीएम ने सफाई करने के दिए निर्देश
मेला मजिस्ट्रेट/एसडीएम महेश कुमार कैथल ने मेले में व्यवस्थाओं का जायजा लिया। गंदगी देखकर एसडीएम ने तत्काल घाटों पर सफाई, सार्वजनिक शौचालय न बनने तक मोबाइल शौचालयों और गंगा घाट पर प्रकाश की व्यवस्था जल्द करवाने के निर्देश दिए।
टूटे स्टेट हाईवे को रेत से किया समतल
गंगा की बाढ़ में बहकर जगह-जगह टूट चुके ढाईघाट के मुख्य मार्ग जलालाबाद-ढाईघाट, शमशाबाद, बिधूना स्टेट हाईवे की मरम्मत नहीं की गई है। इसके स्थान पर लोक निर्माण विभाग ने गड्ढों पर रेत भरवाकर समतल कर दिया है। इससे फुटपाथ के निकट ही गहरी खाई बन गई है। रेत से फिसलने या धंसने से हादसे की आशंका है।
58 में सिर्फ दस पुलिसकर्मियों ही पहुंचे
ढाईघाट मेले की सुरक्षा के लिए एसपी ने मिर्जापुर पुलिस के अलावा जिले के विभिन्न थानों से 58 पुलिसकर्मियों और एक प्लाटून पीएसी की ड्यूटी लगाई है। मेले के पहले दिन शाम चार बजे तक दस पुलिसकर्मियों ने ही आमद करवाई है।
मेला कोतवाली के हेड मुहर्रिर सौरभ यादव ने बताया कि मिर्जापुर थाना पुलिस के अलावा जिले के विभिन्न थानों से आठ एसआई, 13 हेड कांस्टेबल, 24 कांस्टेबल, आठ महिला सिपाही और एक प्लाटून पीएसी की ड्यूटी लगाई गई है। मेले के मुख्य पर्व पर अतिरिक्त पुलिस तैनात किया जाएगा।

गंगा के किनारे रेत पर बसा तंबुओं का शहर। स्रोत जागरुक पाठक