Shahjahanpur News: दोहरे हत्याकांड में अधिवक्ता और उसके दो बेटों समेत चार को उम्रकैद
शाहजहांपुर। वर्ष 2020 में चिनौर तिराहे पर हुए दोहरे हत्याकांड में अपर सत्र न्यायाधीश (पंचम) गरिमा सिंह ने अधिवक्ता और उसके दो पुत्रों समेत चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसी मुकदमे के एक आरोपी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, सदर बाजार थाना क्षेत्र के गांव चिनौर की रहने वालीं गीता देवी ने 25 मई 2020 को थाना सदर बाजार में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 24 मई को रात 08:30 बजे उनका बड़ा बेटा आकाश और छोटा बेटा प्रकाश अटसलिया गांव से बाइक से घर लौट रहे थे। रास्ते में पटेल रोड पर ओसीएफ स्टेट निवासी निखिल मिश्रा और आदर्श की बाइक से उन लोगों की बाइक टकरा गई।
निखिल और आदर्श ने उसके बेटों को गालियां दीं और कहा कि तुम्हें चिनौर तिराहे पर देख लेंगे। आकाश और प्रकाश जब चिनौर तिराहे पर पहुंचे तो वहां पर आरोपियों ने प्रभात निवासी चिनौर और विनोद कुमार वर्मा निवासी गदियाना को बुला लिया। चारों लोग उनके बेटों को गालियां दे रहे थे। इस पर आकाश ने फोन कर अपने पिता कैलाश वर्मा को बुला लिया।
कैलाश को देखकर मौके पर मौजूद लोग जान से मारने की धमकी देने लगे। प्रभात के बुलाने पर उसके पिता अधिवक्ता गंगाप्रसाद और भाई राेहित रायफल और दोनाली बंंदूक लेकर आ गए। प्रभात ने अपने पिता से रायफल लेकर फायर किया और रोहित ने भी बंदूक से गोली दाग दी। गोली लगने से घायल आकाश और कैलाश की जिला अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस ने तहरीर पर अधिवक्ता गंगाप्रसाद, उनके बेटे रोहित कुमार वर्मा, प्रभात और विनोद व निखिल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली।
अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और सरकारी वकील शशिमोहन सिंह, अमित वाजपेयी के तर्कों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने गंगाप्रसाद, प्रभात, रोहित और विनोद को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सभी पर 125000-125000 रुपये का जुर्माना लगाया। आरोपी निखिल मिश्रा को साक्ष्य के अभाव में बरी करने का आदेश दिया है।
तीन साल में वादी समेत आठ लोगों ने दी गवाही
शाहजहांपुर। हत्याकांड की सुनवाई के दौरान तीन साल तक केस चला। अधिवक्ता धनपाल वर्मा ने बताया कि तीन साल में वादी समेत आठ गवाहाें ने अदालत में पेश होकर अपने बयान दर्ज कराए थे। प्रतिदिन सुनवाई के बाद जल्दी ट्रायल हो सका। संवाद