Shahjahanpur News: मां-बेटे की हत्या में 21 साल बाद दोषी को उम्रकैद
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sat, 16 Dec 2023 12:35 AM IST
शाहजहांपुर। मां-बेटे की हत्या के मामले में एक दोषी को कोर्ट ने आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया है। इसी मामले में एक आरोपी की मौत मुकदमे के दौरान हो गई थी। सजा का यह आदेश सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार सिद्धू ने किया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना कलान के पटना देवकली गांव के चौकीदार श्यामपाल ने दो फरवरी, 2002 को पुलिस को सूचना दी थी कि गांव नौगवां के जंगल में किसी व्यक्ति की लाश पड़ी है। गांव के सत्यपाल के खेत में शव पड़ा हुआ था। वहां पर मौजूद लोगों ने शव की शिनाख्त गांव सनाय के गिरधारी के रूप में की। उसके चेहरे और गर्दन पर कट के निशान थे। पुलिस की जांच में सामने आया कि सुखपाल ने रंजिश में अपने साथी वेदराम के साथ 31 जनवरी, 2002 को गिरधारी और उसकी मां मिठन्ना देवी पत्नी जयपाल की तलवार से हत्या कर दी थी। साक्ष्य को मिटाने के लिए शव नौगवां सनाय गांव के जंगलों में डाल दिया गया था। विवेचना के बाद गांव सनाय निवासी वेदराम गुप्ता और सुखपाल के खिलाफ तीन मई, 2002 को पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय भेजा। मुकदमा चलने के दौरान दस गवाहों के बयान और सरकारी वकील भावशील शुक्ला के तर्क सुनने के बाद अदालत ने सुखपाल को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया। आरोपी वेदराम की मृत्यु मुकदमे के दौरान हो गई थी।