Shahjahanpur News: सिपाही और ग्रामीण की हत्या के दो दोषियों को आजीवन कारावास
2003 में गोली मारकर हुई थी हत्या, 20 साल बाद आया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहजहांपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ओमप्रकाश मिश्र ने आठ अक्तूबर 2003 को सिपाही व एक ग्रामीण की गोली मारकर हत्या के दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों पर 55-55 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, सदर बाजार थाना प्रभारी निरीक्षक ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उन्हें सूचना मिली कि कुछ बदमाश दौलतपुर रोड पर बाबू बंजारा निवासी शहबाजनगर को पकड़कर ले गए हैं। इस सूचना पर वह पुलिस बल के साथ दौलतपुर रोड पर गए।
वे दोपहर करीब डेढ़ बजे जब दौलतपुर रोड पर पुलिया के पास पहुंचे तो देखा कि दौलतपुर के बलवीर सिंह बंदूक, उनका भाई रनवीर सिंह, योगेंद्र सिंह, रामबरन सिंह लाठी लेकर खड़े थे। इनके अलावा राजाराम बंदूक लेकर तीन लोगों के साथ खड़ा हुआ था। बलवीर और राजाराम ने गोली चलाई जो कांस्टेबल सुशील कुमार और गांव के सलीम उर्फ गुट्टी को लगी।
सलीम की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं कांस्टेबल सुशील को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में सुशील ने भी दम तोड़ दिया। पुलिस ने मौके से ही बलवीर को बंदूक के साथ और रामबरन को घेरकर पकड़ लिया। पुलिस ने बलवीर सिंह, रनवीर सिंह, योगेंद्र सिंह, रामबरन सिंह, राजाराम व तीन अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उनके विरुद्ध आरोप पत्र अदालत भेजा।
अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और सरकारी वकील शिवकुमार सिंह चौहान के तर्क को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने बलवीर और राजाराम को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसी मुकदमे के दोष सिद्ध योगेंद्र सिंह, रामबरन सिंह, रनवीर सिंह की अधिक आयु को देखते हुए उन्हें आपराधिक परिवीक्षा अधिनियम के तहत दो वर्ष की परिवीक्षा पर छोड़ने का आदेश दिया।