शाहजहाँपुर
Shahjahanpur News: शिव-पार्वती विवाह की कथा सुन आनंदित हुए श्रोता
पुवायां। गांव बेला के मनकामेश्वरनाथ शिव मंदिर पर चल रही शिव महापुराण की कथा में व्यास केसरीनंदन शुक्ल ने शिव पार्वती विवाह का प्रसंग सुनाकर श्रोताओं को आनंदित कर दिया।
व्यास ने कहा कि माता पार्वती बचपन से ही भगवान भोलेनाथ को चाहतीं थीं, इसलिए दोनों का विवाह हुआ। उनके विवाह के पहले से ही तारकासुर राक्षस का तीनों लोकों में अत्याचार था और उसका वध प्रभु भोलेनाथ व माता पार्वती के पुत्र से होना संभव था। इस निमित्त ही दोनों का विवाह पहले से तय था। व्यास ने कहा कि पिता, मां और बड़ों को प्रणाम करना चाहिए। उनके आशीर्वाद में परिणाम बदलने की ऊर्जा होती है। बताया कि भगवान श्रीराम प्रतिदिन सुबह उठकर अपने माता-पिता और गुरु को प्रणाम किया करते थे। संवाद