Shahjahanpur News: 16 दिसंबर से खरमास लगते ही लग जाएगी शादियों पर रोक

अरुण कुमार शुक्ला
शाहजहांपुर। देव उठावनी एकादशी से शादी जैसे शुभ कार्य शुरू हुए थे जिन पर 16 दिसंबर को खरमास शुरू होने के साथ ही रोक लग जाएगी। शास्त्रों के अनुसार खरमास के दौरान विवाह, सगाई आदि जैसे कोई भी शुभ अनुष्ठान और समारोह नहीं करने चाहिए।
दुर्गा माता मंदिर के पुजारी अरुण कुमार शुक्ला ने बताया कि धनु एवं मीन राशि में सूर्य देव के प्रवेश करने से खरमास लगता है। इस वर्ष 16 दिसंबर से खरमास शुरू हो रहे हैं और 15 जनवरी को मकर संक्रांति तक रहेंगे। धनु संक्रांति से लेकर मकर संक्रांति से पूर्व तक सूर्य धीमी गति से चलता है और इस समय में बृहस्पति ग्रह का प्रभाव भी कम होता है, ऐसे में कोई भी मांगलिक कार्य करने से उसका फल नहीं मिलता। खरमास में विवाह संबंधी कार्य करने पर दांपत्य जीवन पर बुरा असर पड़ता है। इसके साथ ही गृह प्रवेश भी नहीं करने चाहिए। गृह प्रवेश एक घर की शुरुआत का शुभ दिन होता है। शुभ कार्य की तरह ही नया बिजनेस या व्यापार से जुड़ी महत्वपूर्ण योजना लागू करने से पहले शुभ मुहूर्त देखा जाता है, ताकि कार्य में सफलता मिले। खरमास अशुभ माने गए हैं। इस दौरान कोई नया काम नहीं शुरू करना चाहिए। बताया कि मकर संक्रांति पर सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते ही खरमास समाप्त हो जाएंगे।
खरमास में क्या करें : खरमास में शुभ कार्य वर्जित हैं, लेकिन ये अवधि पूजा-पाठ के लिए बहुत शुभ मानी जाती है। खरमास के देवता विष्णुजी हैं। मान्यता है कि इस समय सत्यनारायण की कथा करने से परिवार में खुशहाली आती है। तरक्की के रास्ते खुलते हैं। खरमास के पूरे माह में तुलसी जी को नियमित जल चढ़ाने से लाभ हो सकता है और संध्या के समय दीपक जरूर प्रज्वलित करें। खरमास में रोज सूर्य देव को जल चढ़ाने से आरोग्य का वरदान मिलता है। सेहत पर बुरा असर नहीं पड़ता। इसके साथ ही बृहस्पति के मंत्रों का जाप भी करें।

