Shahjahanpur News: तीन सीएचसी पर संचालित होगी एनबीएस यूनिट

राजकीय मेडिकल कॉलेज के शिशु पुनर्वास केंद्र में भर्ती बच्चे। स्रोत-कॉलेज
शाहजहांपुर। जिले की तीन सीएचसी पर संचालित एनबीएसयू (न्यू बॉर्न स्टेबिलाइजेशन यूनिट) पर ही प्री मेच्योर बेबी (तय समय से पहले जन्मे बच्चे) को तुरंत उपचार मिल सकेगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग यहां स्टाफ नर्स की नियुक्ति करने जा रहा है। गंभीर हालत में ही उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज के शिशु पुनर्वास केंद्र रेफर किया जाएगा।
जिले की तिलहर, जलालाबाद और पुवायां सीएचसी पर एनबीएसयू को दो साल पहले बनाया गया था लेकिन यूनिट के लिए स्टाफ नर्स की नियुक्ति नहीं है। इस कारण प्रसव के बाद प्री मेच्योर बेबी को तुरंत उपचार नहीं मिल पाता था। ऐसे में सीएचसी में जन्मे शिशुओं को निजी अस्पताल या राजकीय मेडिकल कॉलेज के पुनर्वास केंद्र पर भेजा जाता था। शिशुओं को संपूर्ण उपचार दिए जाने के लिए सीएचसी की स्टाफ नर्स को एक सप्ताह का प्रशिक्षण देकर नियुक्ति देने की तैयारी की गई है।
16 बेड का पुनर्वास केंद्र, स्थिति संभालना मुश्किल
-राजकीय मेडिकल कॉलेज में 16 बेड का शिशु पुनर्वास केंद्र बना है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अखिलेश कुमार ने बताया कि ग्रामीण स्तर से अधिक प्री मेच्योर बेबी आने से दुश्वारी आती हैं। सीएचसी स्तर पर एनबीएस यूनिट खुलने पर शुरुआत के एक या दो घंटे तक वहीं पर उपचार मिल सकेगा। अगर स्थिति गंभीर होगी तो अस्पताल के लिए रेफर कर सकेंगे।
यूनिट का यह है उद्देश्य
-एनबीएस यूनिट का मुख्य उद्देश्य अति गंभीर नवजात शिशुओं को ग्लूकोज, ऑक्सीजन आदि देना है। शुरुआत के एक या दो घंटे के अंदर समुचित उपचार देकर नवजात की मृत्यु दर को नियंत्रित किया जा सकता है।
-एनबीएसयू तैयार कर ली गई। यह प्रारंभिक स्तर पर शुरू है। स्टाफ नर्स और चिकित्सा अधिकारी को प्रशिक्षण मिलने के बाद बेहतर तरीके से काम कर सकेंगी।
डॉ.गोविंद स्वर्णकार, एसीएमओ