Shahjahanpur News: न फॉल्ट घटे, न बदले गए जर्जर खंभे, लाइन लॉस भी नहीं रुका

लोहारों वाले चौराहे पर विजली के जर्जर तार। संवाद
शाहजहांपुर। बिजली नेटवर्क मजबूत करने और लाइन लाॅस रोकने के लिए शुरू की गई रीवैंप योजना के काम में लापरवाही की जा रही है। नगरीय क्षेत्र में अब तक महज पांच फीसदी भी काम नहीं हुआ है। ग्रामीण इलाकों में तो अभी ढंग से शुरूआत भी नहीं हुई है। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये ऊर्जा मंत्री तक मामला पहुंचने पर कार्यदायी संस्था से उच्च अधिकारियों ने नाराजगी जताई है।
भीषण गर्मी में ओवरलोडिंग से बिजली निगम फाल्ट से परेशान था। तब प्रयास था कि जल्द ही रीवैंप के तहत कार्य कराकर पुराने तार व खंभों को हटाकर आए दिन होने वाली समस्या से निजात मिल सकेगी। सर्दी शुरू होने के बाद भी फॉल्ट कम नहीं हुए। वहीं रीवैंप योजना का काम भी तेजी नहीं पकड़ पा रहा। कारण, इन दिनों बिजली निगम के अफसर एकमुश्त समाधान योजना के तहत राजस्व वसूली में लगे हुए हैं।
वहीं कार्यदायी संस्था ने कार्य को लेकर सुस्ती अख्तियार कर ली है। नगरीय क्षेत्र में अब तक जिगनेरा में बनने वाली 33 केवी लाइन में मात्र पोल लगाए गए हैं। लाइन खींचने का काम वहां भी पूर्ण नहीं हो सका है। इसी तरह ककरा उपकेंद्र के ईदगाह से लोहाराें वाले चौराहे की ओर जाने वाले रास्ते पर बंच लाइन डाली गई है। शेष जगह पर कार्य शुरू होने का जेई संवर्ग इंतजार कर रहा।
अधिकारियों के अनुसार, नगर में अब तक पांच प्रतिशत भी कार्य पूरा नहीं हुआ है। एसई जेपी वर्मा ने चीफ इंजीनियर से पत्राचार किया। पिछले दिनों वीडियो कांफ्रेंसिंग में भी मामला उठाया था। इसके बाद कार्यदायी संस्था को एक सप्ताह में सकारात्मक रिपोर्ट न देने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। अधिकारियों के अनुसार, पहले फेज का कार्य मार्च 2024 तक पूर्ण करना है। दूसरे फेज में मार्च 2025 तक कार्य पूरा किया जाना है। शुरुआत से देरी होने से समय पर काम पूरा होना संभव नजर नहीं आ रहा।
ये होने थे कार्य
विद्युत निगम की रीवैंप योजना के तहत पहले चरण में लाइन लॉस कम करने के लिए 33 और 11 केवी की जर्जर लाइनों का नवीनीकरण, जर्जर के स्थान पर नए पोल लगवाने को सर्वे किया गया था। शहरी व ग्रामीण इलाकों में बंच लाइन डालना था। दूसरे चरण में नौ उपकेंद्र बनाने के साथ प्री-पेड मीटर लगाने की तैयारी है। इसके अतिरिक्त विभिन्न क्षमता के 1639 नए ट्रांसफार्मर, 5426 किमी हाईटेंशन लाइन डाली जानी थी। शहरी क्षेत्र में पांच सौ पोल, 100 किलोमीटर एलटी व 100 किमी बंच लाइन को डालने का खाका तैयार किया गया था।
कार्यदायी संस्था ने शहर में सामान मंगाया है। उन्हें तेजी से काम कराने के लिए निर्देशित किया गया है। पुवायां, तिलहर और जलालाबाद में 15 प्रतिशत तक काम पूर्ण हो चुका है। – जेपी वर्मा, एसई बिजली निगम

लोहारों वाले चौराहे पर विजली के जर्जर तार। संवाद