Shahjahanpur News: देखभाल के लिए बजट नहीं, डेढ़ साल में सूखा वर्टिकल गार्डन

नगर निगम कार्यालय की दीवार पर बने वर्टिकल गार्डन में लगे गमलों में सूखे पौधे। संवाद
शाहजहांपुर। ग्रीन सिटी-क्लीन सिटी के तहत नगर निगम की दीवारों पर डेढ़ साल पहले बनाया गया वर्टिकल गार्डन बजट के अभाव में अब हरा-भरा नहीं रहा। गार्डन से कई गमले गायब हो चुके हैं। जबकि, इसको बनवाने में नगर निगम ने लाखों रुपये खर्च किए थे।
पर्यावरण दिवस पर नगरवासियों को ग्रीन सिटी क्लीन सिटी का संदेश देने के लिए कार्यालय की दीवारों पर विशेष तकनीक के मेटल और लोहे के फ्रेम बनाकर छोटे-छोटे प्लास्टिक के विशेष रूप से बने गमलों में पौधों को लगाया गया था। इसके बाद दीवार की खूबसूरती देखते ही बनती थी। इसमें बीच-बीच में पुणे से मंगवाए गए मल्टी कलर के पौधे भी लगवाए गए थे। इनमें हरे के साथ जामुनी, गुलाबी, बैगनी, लाल रंग के पौधे भी थे। खास बात यह थी कि यह हरियाली आर्टिफिशियल न होकर वास्तविक थी जोकि लोगों की आंखों को सुकून देती थी।
कानपुर की कंपनी ने कराया था तैयार
-वर्टिकल गार्डन की खासियत होती है कि यह पर्यावरण को संतुलित और बढ़ते तापमान को नियंत्रित करते हैं। धूल और ध्वनि प्रदूषण के लिए बैरियर की तरह होते हैं। इसको कानपुर की एक कंपनी ने 8 से 10 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से तैयार किया था लेकिन इसकी देखभाल के लिए निगम ने कोई व्यवस्था नहीं की। इस वजह से यह वर्टिकल गार्डन अपनी शोभा खो चुका है। शहर के गर्रा फाटक के पास राजघाट चौकी के करीब भी वर्टिकल गार्डन बनाया गया था। यह देखभाल होने के कारण काफी हरा-भरा है। बताया जाता है कि इस गार्डन को स्थानीय कंपनी ने बनवाया था। देखभाल की जिम्मेदारी भी उसी कंपनी को दी गई थी।
वर्टिकल गार्डन को बने डेढ़ साल हो गए हैं। इसकी देखभाल के लिए अलग से बजट की व्यवस्था नहीं है। वर्टिकल गार्डन में सिर्फ पानी ही नहीं केमिकल आदि भी डाला जाता है। इससे पौधे हरे-भरे रहते हैं। जल्द ही नए पौधों को लगवाया जाएगा। इससे वर्टिकल गार्डन फिर से हरा-भरा दिखेगा। इनकी देखरेख की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।
– आशीष त्रिवेदी, अधिशासी अभियंता निर्माण, नगर निगम

