Shahjahanpur News: बेटे को लेकर कोलाघाट पुल से कूदे युवक का नहीं मिला सुराग

फाइल अरुण कुमार
मिर्जापुर। कोलाघाट पुल से रामगंगा नदी में बुधवार को कूदे अरुण कुमार और उनके बेटे को दूसरे दिन भी पीएसी की फ्लड यूनिट नदी में नहीं तलाश सकी। गोताखोरों ने भी उफनाती नदी में रेस्क्यू करने से मना कर दिया है।
थाना क्षेत्र के ग्राम तिलहैया भौंती निवासी ऋषिपाल ने बताया कि वह पत्नी ऊषा देवी, छोटे बेटे शंकित सहित कई रिश्तेदारों के साथ अब भी बेटे अरुण और पौत्र ओमशिवा के मिलने की उम्मीद में कोलाघाट पुल के समीप रुके हुए हैं। बृहस्पतिवार करीब एक बजे पीएसी की फ्लड यूनिट मोटरबोट लेकर रामगंगा में अरुण और ओमशिवा को ढाई-तीन घंटे तक तलाशती रही। कुछ पता न चलने पर फ्लड यूनिट लौट गई।
प्राइवेट गोताखोरों ने भी नदी में उतरने से मना कर दिया। उनका कहना था कि इतने समय बाद तो शव उतराकर कहीं किनारे पर लग गए होंगे। ऋषिपाल ने बताया कि अरुण के पांच वर्षीय पुत्र रमन और आठ वर्षीय पुत्री तनु की परवरिश की जिम्मेदारी अब उन्हें ही उठानी होगी। मां पहले ही किसी दूसरे के साथ चली गई है। उनके पास सिर्फ चार बीघा जमीन है।
अरुण के अलावा पांच पुत्र और चार पुत्रियां हैं। बेटे दिल्ली, गुरुग्राम और मेरठ में मेहनत मजदूरी करते हैं। मां ऊषा देवी का भी रो-रोकर बुरा हाल है। थाना प्रभारी विनोद कुमार तोमर ने बताया रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म कर दिया गया है। वैसे भी 24 घंटे बाद शव पानी में उतराकर तेज बहाव में कहीं दूर निकल गए होंगे।

फाइल अरुण कुमार