Shahjahanpur News: अब नगर निगम करेगा आवारा कुत्तों की नसबंदी
शाहजहांपुर। अब शहर में घूमने वाले आवारा कुत्तों की नसबंदी की जाएगी। उनकी देखरेख के लिए एनीमल बर्थ कंट्रोल व डॉग केयर सेंटर बनेगा। इस पर 1.58 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। नगर निगम द्वारा शासन को भेजे गए प्रस्ताव पर मंजूरी मिल गई है।
कुत्तों के हमले में कई बार लोग अपनी जान तक गंवा देते हैं तो कुछ गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं। वहीं राजकीय मेडिकल कॉलेज में रैबीज का इंजेक्शन तक मिलना मुश्किल हो जाता है। इसको ध्यान में रखकर शासन स्तर पर नगर निगम की ओर से प्रस्ताव भेजा गया था। नगर निगम ने कुत्तों को पकड़ने, उनके चिकित्सकीय परीक्षण एवं देखरेख के लिए कोई सुविधा न होने का भी उल्लेख किया था। इस पर शासन ने एनीमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) व डॉग केयर सेंटर (डीसीसी) के निर्माण की स्वीकृति प्रदान कर दी है। साथ ही बजट के रूप में पहली किस्त 80 लाख रुपये जारी भी कर दी है। (संवाद)
सीएंडडीएस कार्यदायी संस्था करेगी निर्माण
नगर निगम के अपर नगर आयुक्त एसके सिंह ने बताया कि एबीसी और डीसीसी के निर्माण के लिए जल निगम की सीएंडडीएस यूनिट को जिम्मा सौंपा जाएगा। निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शासन स्तर से की जाएगी। बताया कि भवन के एक हिस्से में आवारा कुत्तों की नसबंदी एवं उपचार किया जाएगा तो दूसरे में हिंसक कुत्तों को पकड़कर रखा जाएगा। नगर निगम के रिकाॅर्ड में शहर में करीब 30 हजार कुत्ते हैं।
पांच मिनट में हो जाती है नसबंदी
सीवीओ डॉ. मनोज कुमार अग्रवाल ने एनेस्थीसिया देने के बाद जब मेल और फीमेल कुत्तों को ऑपरेशन रूम में लाया जाता है। मेल कुत्ते की नसबंदी करने में पांच मिनट लगते हैं और फीमेल की नलबंदी में 12 से 13 मिनट लग जाते हैं। ऑपरेशन के बाद उन्हें कैनल में पड़ा रहने दिया जाता है। आधा घंटे के बाद उन्हें होश आ जाता है। चार दिन तक उनकी डाइट का ध्यान रखा जाता है। जब वह बेहतर स्थिति में आ जाते हैं। तब उन्हें जहां से लाया जाता है, वहीं छोड़ देते हैं।
एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाकर छोड़ा जाता है कुत्ता
एक कुत्ते की नसबंदी में करीब 1250 रुपये तक खर्च आता है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के हिसाब से 1600 रुपये तक एक कुत्ते पर खर्च कर सकते हैं, लेकिन फिलहाल खर्चा एक कुत्ते पर 1250 रुपये ही आ रहा है। कुत्ते को जब उसके स्थान पर छोड़ा जाता है। तब उसको एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाया जाता है।