Shahjahanpur News: बारिश से धान की कटाई रुकी, आलू की बुवाई में होगी देरी

पुवायां क्षेत्र में गिरी धान की फसल और भरा पानी। संवाद
पुवायां। बारिश के कारण धान की कटाई का काम रुक गया है। इससे आलू की बुवाई में भी देरी होने की आशंका है।
पिछले दस दिन से पुवायां तहसील क्षेत्र में धान की कटाई का काम तेजी से चल रहा था। बासमती धान की कटाई कर उसे बाहर भेजा जा रहा है। कई जगह राइस मिलों ने ड्रायर चालू कर धान कुटाई का काम शुरू करने की तैयारी कर ली है। इसके लिए धान खरीद तेजी से हो रही है। शनिवार को मौसम खराब हुआ तो कई किसानों ने आढ़तों और राइस मिलों पर संपर्क कर धान का सौदा करने का प्रयास किया, लेकिन बारिश के चलते राइस मिल मालिकों और आढ़तियों ने किसानों को धान की कटाई कुछ समय टाल देने की सलाह दी।
किसान धान को जल्दी काट कर चूरा बनाने वाली मिलों आदि को बेच देते हैं और आलू की बुवाई कर देते हैं। आलू की इस समय बोई जाने वाली फसल खोदने के बाद आलू की एक और फसल तैयार की जाती है, लेकिन बारिश से खेतों में पानी भर जाने से जुताई का काम ठप हो गया है। इसका असर आलू की बुवाई पर पड़ेगा।
पहले तीन हजार से अधिक और अब नीचे दाम पर बिक रहा बासमती
पुवायां। बासमती धान जब दस दिन पहले कटना शुरू हुआ था तो इसका भाव 3100 रुपये प्रति क्विंटल था। धान की आवक बढ़ने और मौसम खराब होने के चलते अब धान 2900 से तीन हजार के बीच बिक रहा है। व्यापारियों के अनुसार, यह मंदी अस्थायी है। बासमती का रेट हर साल की तरह इस साल भी ज्यादा ही रहेगा। एक अक्तूबर से सरकारी खरीद होने तक सामान्य धान भी कटने लगेगा।
हवा से गन्ना गिरने से होगा नुकसान
बारिश के साथ हवा चलने से गन्ना गिर सकता है। गन्ने की फसल गिरी तो वजन कम होने के साथ ही चूहे भी गन्ने की नुकसान पहुंचाएंगे। इससे किसानों को घाटा हो सकता है। छुट्टा पशु पहले ही किसानों का जीना मुश्किल किए हुए हैं। अब बारिश से समस्या और बढ़ सकती है।