Shahjahanpur News: टीम के आने से पहले मरीजों को दी छुट्टी, थैला और चप्पलें मिलीं

गांव बढ़ारू बिजला मोड़ के पास मेडिकल स्टोर पर जांच करते डिप्टी सीएमओ। संवाद
पुवायां। पराली पर लिटाकर इलाज करने वाले झोलाछाप के मेडिकल स्टोर पर डिप्टी सीएमओ डॉ. मोहम्मद आसिफ ने शनिवार को टीम के साथ छापा मारा लेकिन सूचना लीक होने पर झोलाछाप मेडिकल बंद कर चला गया। चारपाई पर लेटे मरीजों को भी आनन-फानन छुट्टी दे दी। इस कारण टीम को मौके पर मरीज नहीं मिले। मरीजों को हटाने की जल्दबाजी में उनका सामान, चारपाई आदि पेड़ के नीचे छूट गया।
गांव बढ़ारू बिजला मोड़ के पास एक मेडिकल स्टोर स्वामी बुखार के मरीजों को पेड़ के नीचे लिटाकर इलाज करता है। भीड़ बढ़ने पर चारपाई कम पड़ती हैं तो झाड़ियों और गंदगी में पराली पर लिटाकर पेड़ की टहनियों से बोतलें टांगकर ग्लूकोज चढ़ाया जाता है। अमर उजाला ने 17 अक्तूबर के अंक में खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद सीएमओ डॉ. आरके गौतम ने सीएचसी अधीक्षक को भेजकर मामले की जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए थे, लेकिन सीएमओ के आदेश को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
शनिवार को अमर उजाला ने दोबारा इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो डिप्टी सीएमओ डॉ. मोहम्मद आसिफ ने बढ़ारू बिजला मोड़ पर पहुंचकर जांच की। यहां मेडिकल स्टोर बंद मिला और मरीज भी नहीं मिले। पेड़ के नीचे चारपाई, बर्तन, थैला, चप्पलें आदि टीम को पड़ी मिली। हालांकि टीम ने इसका संज्ञान लेने की जरूरत नहीं समझी। आसपास के लोगों के अनुसार कार्रवाई के डर से रोगियों को शनिवार सुबह ही छुट्टी दे दी गई थी। टीम जांच कर वापस लौट गई।
19 को भी पहुंची थी टीम, दिया था नोटिस : पुवायां। डॉ. मोहम्मद आसिफ ने बताया कि उन्होंने टीम के साथ 19 अक्तूबर को मौके पर जांच कर अस्पताल बंद करा दिया था और झोलाछाप को इलाज नहीं करने की चेतावनी दी थी। इस दौरान तमाम मरीज भर्ती मिले थे। मेडिकल स्टोर संचालक को नोटिस भी जारी किया गया था। इसके बाद 20 अक्तूबर को झोलाछाप ने फिर से इलाज शुरू कर दिया। शनिवार को अस्पताल को फिर बंद करा दिया गया है। अब रोगियों का इलाज करने की जानकारी मिली तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अभी नोटिस का जवाब नहीं मिला है।