Shahjahanpur News: वायरल बुखार से तप रहे मरीज, पेट में संक्रमण और डायरिया के मरीज बढ़े

राजकीय मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर में बुखार से पीड़ित मरीज
शाहजहांपुर। भीषण गर्मी में वायरल बुखार से मरीज तप रहे हैं। साथ ही पेट में संक्रमण, डायरिया से भी लोगों को जूझना पड़ रहा। निजी से लेकर सरकारी अस्पतालों तक में इन रोगों के मरीजों की भरमार है। गंभीर रोगियाें को भर्ती किया जा रहा। डॉक्टरों के अनुसार, मानसून के दस्तक देने से जल और मच्छरजनित रोगों का खतरा मंडराने लगेगा। इसलिए सावधानियां बरतें।
राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मंगलवार को 1552 मरीजों ने पर्चा बनवाया। इसमें सबसे अधिक मेडिसिन विभाग के बाहर मरीज लाइन में लगे। फिजिशियन को दिखाकर दवा प्राप्त करने वालों में अधिकतर वायरल बुखार से पीड़ित थे। इसी तरह पेट में दर्द, उल्टी आदि से जूझ रहे मरीज भी पहुंचे। ट्रामा सेंटर में 24 घंटे में 150 लोगों को भर्ती किया गया। इसमें भी सर्वाधिक इन्हीं रोगों के मरीज शामिल थे।
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एमएल अग्रवाल के अनुसार, वर्तमान में तापमान में उतार-चढ़ाव वाले मौसम में लोग वायरल फीवर की चपेट में आ रहे हैं। ओपीडी में बुखार से पीड़ित 25 से 30 मरीज आ रहे हैं। इसी तरह डायरिया के आठ से दस मरीज पहुंचते हैं।
पिछले साल भी इन दिनों रहा था मलेरिया का प्रकोप
मानसून ने दस्तक दे दी है। वर्तमान में शहर में जगह-जगह सड़कों की खोदाई के कारण जलभराव होने की संभावना है। ऐसे में मच्छर व जलजनित रोगों के होने की संभावना बढ़ गई है। जलजनित बीमारियों में उल्टी-दस्त, टाइफाइड व हेपेटाइटिस आदि रोगों से बचाव की आवश्यकता है। वहीं मच्छजनित रोग डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया और फाइलेरिया से सतर्क रहने की सलाह भी विशेषज्ञ दे रहे हैं। पिछले वर्ष भी इन दिनों मलेरिया का काफी प्रकोप रहा था। राजकीय मेडिकल कॉलेज में बेड को लेकर मारा-मारी रही थी। उसे देखते हुए इस बार स्वास्थ्य विभाग सतर्क है।
ये बरतें सावधानी
– खुले में बिकने वाली खान-पान की चीजों को न खाएं।
-ताजा व गर्म खाने का सेवन ही करें।
-पानी को उबालकर ही पीएं।
-खाना बनाने और खाने से पहले हाथ अवश्य धोएं।
-कटे फल, चाट-पकौड़ी को इस मौसम में न खाएं।
( जैसा कि डॉ. एमएल अग्रवाल, वरिष्ठ फिजिशियन ने बताया।)
मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए ये करें उपाय
बारिश होने पर जलभराव होने की संभावना रहती है। जहां पर मच्छर पनपने से स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ता है। इसके लिए मच्छरों के प्रजनन के स्थान को नष्ट कर दें। पानी को भरने नहीं दें। कूलर का पानी प्रतिदिन बदलते रहे। टूटे बर्तन, टॉयर, गड्ढा, फ्रिज की प्लेट आदि में लार्वा होने की संभावना रहती है। इसलिए पानी का ठहराव नहीं होने दें। दवा का छिड़काव कराएं। मच्छरदानी का प्रयोग करने के साथ सुबह व शाम में फुल आस्तीन के कपड़े पहने।
स्वास्थ्य विभाग शुरू करेगा अभियान
संचारी रोगों से निपटने के लिए एक जुलाई से संचारी रोग अभियान का शुभारंभ किया जाएगा। इसी क्रम में 16 से 31 जुलाई के मध्य दस्तक अभियान चलेगा। इसमें बुखार, टीबी, कुष्ठ व फाइलेरिया के रोगियों की तलाश कर आशा व आंगनबाड़ी के माध्यम से सूचीबद्ध कराया जाएगा। जिला मलेरिया अधिकारी एसपी गंगवार ने बताया कि नगर विकास व ग्राम विकास विभाग के जरिये नालियों की सफाई, कीटनाशक का छिड़काव कराया जाएगा। अभियान में एक दर्जन विभागों का सहयोग लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि मलेरिया के रोगियों की संख्या उन्हें याद नहीं है।
मानसूनी सीजन के दौरान स्वास्थ्य को लेकर बेहद सावधानी बरतने की आवश्यकता है। जल व मच्छरजनित रोग होने की संभावना रहती है। सावधानी बरतकर इससे बचा जा सकता है। कॉलेज में डॉक्टरों साथ ही सभी आवश्यक दवाएं और अन्य संसाधन मौजूद हैं।
– डॉ. राजेश कुमार, प्राचार्य-राजकीय मेडिकल कॉलेज

राजकीय मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर में बुखार से पीड़ित मरीज