Shahjahanpur News: बंदरों को खदेड़ने के लिए छत पर लंगूर की फोटो रख रहे लोग

शाहजहांपुर। शहर में बंदरों का आतंक बढ़ गया है। कमरों में घुसकर या छत से कपड़े उठा लेते हैं। लोग जब इनसे अपना सामना छुड़वाने का प्रयास करते हैं तो यह हमलावर हो जाते हैं। छह महीने में भी टेंडर प्रक्रिया पूरी न होने से नगर निगम बंदर पकड़वाने का काम शुरू नहीं करा सका। बंदरों से बचने के लिए लोग खुद ही बालकनी और छतों पर जाली लगवा रहे हैं। लंगूर का कटआउट या फोटो लगाकर विभिन्न उपाय कर रहे हैं।
नगर निगम की ओर से पिछले वर्ष मथुरा के एक व्यक्ति को बंदर पकड़ने के लिए बुलवाया गया था। इस बार मई माह से टेंडर की प्रक्रिया ही पूरी नहीं हो पाई। इसका कारण वन विभाग से इसके लिए अनुमति न मिल पाना बताया जा रहा है। बिना अनुमति के बंदर छोड़ने पर वन विभाग ने नगर निगम पर 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया था। वहीं शहरभर में बंदरों ने लोगों की छतों पर कब्जा कर रखा है। बचाव के लिए लोग तमाम तरह के उपाय किए हैं, किसी ने बंदरों को भगाने के लिए पटाखों वाली झालर लगा रखी है। कोई गुलेर से निशाना लगाकर उन्हें भगाता है। इतना ही नहीं ऐसे भी लोग हैं जिन्होंने अपने घर में लंगूर का कटआउट रखवा दिया है या फिर लंगूर का फोटो लगवा दिए हैं, ताकि उनको देखकर बंदर घर में न घुसें। इसके अलावा तमाम लोगों ने अपने घर को ही जालियों से कवर करा रखा है।
सबसे ज्यादा शिकायतें सुभाषनगर कॉलोनी, बहादुरगंज, खिरनीबाग, चौभुर्जी, बिजलीपुरा, मोहम्मद जई तथा चौक क्षेत्र से प्राप्त होने की पुष्टि नगर निगम के अधिकारियों ने की है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज कुमार के अनुसार पिछले माह 22 शिकायतें आ चुकी हैं। सभी को आश्वासन दिया जा रहा है, जैसे ही वन विभाग से अनुमति मिलती है, टेंडर कर बंदर पकड़वाने का काम शुरू करवाया जाएगा।
शहर की सिविल लाइन कॉलोनी के लोगों ने बंदरों को भगाने के लिए लंगूर पालने वाले को बुलाया है। यह अपना पालतू लंगूर लेकर कॉलोनी में पहुंच जाता है। इसके बाद लंगूर लोगों की छतों पर घूमना शुरू कर देता है, जिसको देखकर बंदर दूर भाग जाते हैं। सौरभ सक्सेना ने बताया कि उन्होंने लंगूर पालने वाले को बुलाया था, जोकि प्रतिदिन के हिसाब से 200 से 500 रुपये तक लेता है। कितनी दूर लंगूर घुमाना है, उसके आधार पर शुल्क तय होता है।
पिछले वित्तीय वर्ष टेंडर होने पर 3000 बंदर पकड़वाए गए थे। मई से पहले भी एक हजार बंदरों को पकड़कर खुटार के जंगलों में छोड़ा गया। बिना अनुमति के बंदर छुड़वाने पर वन विभाग ने नगर निगम पर 50 हजार रुपये जुर्माना लगा दिया था। मई के बाद वन विभाग से अनुमति नहीं मिलने के कारण टेंडर नहीं हो पाया। प्रयास किया जा रहा है। – डॉ. मनोज कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम शाहजहांपुर।