Shahjahanpur News: शटर काटकर लाखों की चोरी, पुलिस ने की दबाने की कोशिश

बंडा में चोरी की घटनाओं के विरोध में इंस्पेक्टर से मिलते व्यापारी। स्रोत-जागरुक पाठक
बंडा। मोहद्दीनपुर बाजार में रविवार रात चोरों ने सराफा और बिजली की दुकान को निशाना बनाया। चोर सराफा की दुकान में शटर काटकर घुसे, फिर दूसरी दुकान में नकब लगाकर चोरी की। चोर जेवर समेत लाखों का सामान चोरी कर ले गए। पिकेट से चंद कदम की दूरी पर हुई वारदात में पुलिस ने चोरों को पकड़ने के बजाय वारदात को छिपाने के लिए दुकान का शटर रात में सही करवा दिया और नकब में ईंटें भर दीं। इससे आक्रोशित व्यापारियों ने रविवार सुबह हंगामा काटा और खुलासे की मांग की।
बंडा-पूरनपुर मार्ग पर स्थित बाजार में रमेश चंद्र की ओम ज्वैलर्स व बर्तन की दुकान है। बाजार से कुछ दूरी पर चौराहे पर पुलिस पिकेट रहती है। पुलिस की सुरक्षा को चुनौती देते हुए शनिवार की रात चोरों ने रमेश की दुकान की शटर काटकर अंदर घुस गए। तिंजोरी का लॉक तोड़कर दो किलो चांदी के जेवरात, दो तोले सोने के जेवर, दस हजार रुपये के बर्तन और 20 हजार रुपये चोरी कर लिए। इसके बाद चोरों ने कुछ दूरी पर स्थित अल्ताफ की इलेक्ट्रॉनिक की दुकान को निशाना बनाया। अल्ताफ के मुताबिक, शनिवार की शाम सात बजे वह दुकान बंद कर घर चले गए थे। चोरों ने दुकान के पीछे से नकब लगाकर करीब डेढ़ लाख रुपये का सामान चोरी कर लिया। चोरी की सूचना पर रात में पुलिस मौके पर पहुंच गई। घटना को छिपाने के लिए अल्ताफ की दुकान में लगी नकब में ईंटों को चुन दिया गया। व्यापारी की गैर मौजूदगी में रात में वेल्डिंग मशीन के जरिये शटर को ठीक करा दिया। चोरी की जानकारी होने पर व्यापारी भड़क गए। उन्होंने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करते हुए हंगामा किया।
रात दो बजे दी थी पुलिस ने जानकारी
सराफा व्यापारी रमेश ने बताया कि रात दो बजे मोबाइल फोन पर कॉल कर पुलिस ने शटर काटकर चोरी की जानकारी दी थी। उनके पहुंचने से पहले शटर ठीक करा दिया गया। व्यापारियों ने सवाल खड़ा किया कि पुलिस की पिकेट ड्यूटी होने के बाद भी चोरी कैसे हो गई? दो दर्जन से अधिक व्यापारियों को निशाना बनाया जा चुका है। इस मौके पर दाताराम, फरियाद, संजू सिंह, जसपाल गौतम, लालता प्रसाद, गुरपाल, रमाकांत शर्मा, सोनपाल, राजेश,रामकुमार, सोनपाल आदि व्यापारी मौजूद रहे।

बंडा में चोरी की घटनाओं के विरोध में इंस्पेक्टर से मिलते व्यापारी। स्रोत-जागरुक पाठक