Shahjahanpur News: शासन स्तर पर अटका प्रस्ताव… 500 बेड के अस्पताल को अभी और करिए इंतजार

जिगनेरा स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज का भवन, इसी के पास में बनना है 500 बेड का अस्पताल। संवाद
शाहजहांपुर। कांट-जलालाबाद रोड पर स्थित जिगनेरा गांव के पास स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज के पास ग्राम पंचायत की आठ एकड़ जमीन मिलने के बाद भी 500 बेड के अस्पताल के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा। शासन से जमीन आवंटन की स्वीकृति न मिलने से आगे की कार्रवाई पर विराम लग गया है। इसके चलते अस्पताल में मौसमी बीमारी के सीजन में बेड के लिए मारा-मारी से निजात मिलती नजर नहीं आ रही है।
बरेली मोड़ स्थित जिला अस्पताल को राजकीय मेडिकल कॉलेज का नाम अवश्य दे दिया गया है, लेकिन यहां मेडिकल कॉलेज स्तर की सुविधाएं नहीं हैं। मौसमी बीमारियों के सीजन में मरीजों को स्ट्रेचर पर उपचार करना पड़ता है। बेड को लेकर हमेशा मारामारी रहती है। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के उद्देश्य से जिगनेरा में 500 बेड का अस्पताल बनाया जाना प्रस्तावित है। जिगनेरा गांव में स्थित अस्पताल के नजदीक ही ग्राम पंचायत की आठ एकड़ जमीन का अस्पताल के लिए प्रशासन ने फाइनल कर दी थी, लेकिन जमीन राजकीय मेडिकल कॉलेज के नाम नहीं हो सकी है। ऐसे में नए अस्पताल को लेकर कार्य आगे नहीं बढ़ सका है।
शासन से पत्र आने का इंतजार
-प्रशासन ने जमीन को चिह्नित कर अपनी रिपोर्ट शासन को भेज दी है। अब शासन से आने वाले पत्र का इंतजार किया जा रहा। उस पत्र के लिए मेडिकल कॉलेज से भी मार्च माह में शासन से पत्राचार किया जा चुका है। अधिकारियों के अनुसार, संबंधित विभाग से जमीन का नो-ड्यूज मिलने के बाद कैबिनेट से मंजूरी के बाद ही पत्र आने की संभावना है।
इतनी हैं सीटें
330 बेड राजकीय मेडिकल कॉलेज में हैं।
-100 बेड का अस्पताल अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन है।
-100 एबीबीएस की सीटों पर जिगनेरा स्थित मेडिकल कॉलेज के भवन में पढ़ाई हो रही।
-60 सीटें बीएससी नर्सिग की हैं।
-08 कोर्स पैरामेडिकल के संचालित हो रहे।
-15 सीटें डीएवी की हैं।
200 करोड़ रुपये का किश्तों में बजट से बनेगा अस्पताल
जमीन मिलने के बाद कार्यदायी संस्था तय होकर सर्वे किया जाएगा। जमीन की जांच होने के बाद स्टीमेट शासन को भेजने की प्रक्रिया है। संभावना है कि अस्पताल के लिए करीब 200 करोड़ रुपये का बजट किश्तों में आवंटित होगा।अस्पताल के निर्माण में दो से तीन साल लग सकते हैं।
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-500 बेड के अस्पताल के लिए जमीन आवंटन को लेकर प्रक्रिया लंबी है। नए अस्पताल व स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किया जा रहा। – डॉ. राजेश कुमार, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज