Shahjahanpur News: लाइब्रेरी में 15 महीने से रेलवे कर्मियों ने नहीं रखा कदम
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Thu, 02 Nov 2023 12:16 AM IST

शाहजहांपुर में रेलवे की लाइब्रेरी में हिंदी की बंद पड़ी किताबें। संवाद
शाहजहांपुर। रेलवे में हिंदी को जीवंत रखने के उद्देश्य से बनाई गई लाइब्रेरी से रेलवे के कर्मचारियों और उनके परिजनों ने दूरी बना ली है। आठ सौ किताबें होने के बाद भी 15 महीने से कोई कर्मचारी इन्हें पढ़ने नहीं आया। इसके चलते लाइब्रेरी निष्प्रयोज्य साबित हो रही है।
31 जुलाई 2022 को प्लेटफार्म नंबर एक पर लाइब्रेरी खोली गई थी। दिसंबर में इसका उद्घाटन जीएम ने किया था। यहां निबंध, काव्य, उपन्यास, चाइल्ड वेलफेयर आदि की पुस्तकें शामिल हैं। हिंदी को जीवित रखने के लिए खोली गई लाइब्रेरी के 22 से 25 सदस्य हैं, लेकिन पढ़ने के लिए कोई नहीं आता। यहां प्रतियोगी परीक्षा की पुस्तकें नहीं हैं। इस कारण रेलवे कर्मियों के बच्चे भी यहां नहीं आते। लाइब्रेरी इंचार्ज केके यादव ने बताया कि लाइब्रेरी सिर्फ रेलवे के कर्मचारियों के लिए ही है। बाहरी लोगों के आने की अनुमति नहीं है।

