शाहजहाँपुर

Shahjahanpur News: बाढ़ के पानी से स्टेट हाईवे पर यातायात ठप, पीड़ितों तक नहीं पहुंची राहत

Connect News 24

शाहजहांपुर/ मिर्जापुर। गंगा में उफान आने से शमशाबाद-फर्रुखाबाद स्टेट हाईवे पर यातायात बंद हो गया है। केवल ट्रैक्टर के जरिये आवागमन हो पा रहा है। वहीं करीब 24 गांवों का संपर्क कट गया है। प्रशासनिक अधिकारी भी बाढ़ पीड़ितों तक राहत सामग्री नहीं पहुंचा पा रहे हैं। हजारों लोग प्रशासन की ओर से मदद का इंतजार कर रहे हैं।

जलालाबाद-ढाईघाट, शमशाबाद, वेबर, मैनपुरी, मथुरा, आगरा स्टेट हाईवे सहित ढाईघाट और ढाईगांव के बीच सभी संपर्क मार्गों पर बाढ़ का पानी तीन से चार फिट बह रहा है। इससे लगभग दो दर्जन गांवों के आवागमन के सभी साधन बंद हो गए हैं। अब शमशाबाद, कायमगंज, वेबर, मैनपुरी जाने वाले वाहनों को बदायूं-फर्रुखाबाद मार्ग से लगभग 50 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को डीएम उमेश प्रताप सिंह, एसपी अशोक कुमार मीना ने एसडीएम महेश कुमार कैथिल और तहसीलदार पैगाम हैदर के साथ बाढ़ग्रस्त गांवों का जायजा लेने स्टेट हाईवे पर ग्राम चौंरा तक गए।

सड़क पर पानी के तेज बहाव को देखते हुए अधिकारी लौट गए। इससे पूर्व एसडीएम महेश कुमार कैथिल और नायब तहसीलदार पूनम मधुकर व पंकज कुमार के नेतृत्व में पीएसी की फ्लड यूनिट, अग्निशमनकर्मियों के साथ कोलाघाट में रामगंगा नदी में बाढ़ से बचाव का मॉक ड्रिल किया। स्वास्थ्य विभाग ने डूबे हुए व्यक्ति को फर्स्ट एड देकर हायर सेंटर रेफर करने का सफल प्रदर्शन किया।

गंगा की बाढ़ से घिरे गांव

इस समय गंगा की बाढ़ से ढाईगांव और ढाईघाट के बीच बसे ग्राम भरतपुर, पैलानी, बांसखेड़ा, मोती नगला, बटन नगला, लोहार नगला, कटैला नगला, मस्जिद नगला, इस्लाम नगर, आजाद नगर, कमथरी, चितार, मुंशी नगला, बल्लू बेहटा, गुटेटी, धीयरपुरा, भरतपुर, मंझा, फुल्हा, जैतपुर व बख्तावरगंज समेत लगभग दो दर्जन गांवों का संपर्क तहसील और ब्लॉक मुख्यालय से टूट गया है।

40 परिवारों को दी गई राशन किट

बृहस्पतिवार को डीएम उमेश प्रताप सिंह और एसपी अशोक कुमार मीणा ने लगभग एक सप्ताह से जलमग्न ग्राम आजाद नगर के 87 में से 40 परिवारों को राशन किट वितरण की। आजाद नगर से लगभग सात किलोमीटर दूर ढाईगांव के प्राथमिक स्कूल में राहत शिविर लगाकर राशन किट वितरित की गई। डीएम ने शेष बाढ़ पीड़ित परिवारों को ड्राई किट बांटने के लिए राजस्व निरीक्षक को निर्देशित किया। राहत शिविर में मेडिकल टीमें भी तैनात की गईं। राहत शिविर में बाढ़ पीड़ितों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें आवश्यक दवाएं भी उपलब्ध कराई गईं। डीएम ने किसानों की बर्बाद हुई फसलों का आकलन कराकर क्षतिपूर्ति दिलाने का भी आश्वासन दिया।

प्रशासनिक मदद की राह ताक रहे हजारों लोग

मिर्जापुर। अब तक बाढ़ से निपटने की तैयारियों का दावा कर रहा प्रशासन पीड़ितों को राहत सामग्री भी नहीं बांट पा रहा है। न बाढ़ चौकियां नजर आ रही हैं और न ही पीड़ितों तक मदद पहुंच पा रही है।

बृहस्पतिवार को बांटी गई राशन किट में 10-10 किलोग्राम आटा-चावल व आलू, दो किलोग्राम दाल, दो-दो सौ ग्राम मिर्च और सब्जी मसाला, एक लीटर सरसों का तेल व लइया चना के साथ दस लीटर पानी की केन और भोजन के पैकेट वितरित किए। एक सप्ताह से भूखे-प्यासे बाढ़ पीड़ितों के लिए यह ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहा है। क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक सुखवीर सिंह ने बताया कि बाढ़ पीड़ित परिवारों का सर्वे किया जा रहा है। सरकार की मंशा के अनुरूप सभी पीड़ित परिवारों को खाद्य सामग्री वितरित की जाएगी। संवाद

बाढ़ पीड़ितों का दर्द

दो दिन से सड़क पर पड़े हैं। नल से निकल रहा बाढ़ का गंदा पानी पीकर प्यास और भूख शांत कर रहे हैं। राशन सामग्री भी सभी को नहीं मिल पाई है, जिन्हें मिल गई है, वे भी ईंधन के अभाव में खाना बना नहीं पा रहे हैं। बने-बनाए खाने के पैकेट से राहत मिल सकती है।

– साबिर, ग्राम आजाद नगर

सावन की अंधेरी रात में सड़क किनारे जमीन पर पड़े रहते हैं। सांप-बिच्छुओं का हर समय खतरा बना रहता है। रोशनी के लिए सोलर लाइट मिल जाती तो बच्चे रात में सुरक्षित रहते। मोमबत्ती थोड़ी देर में बुझ जाती है।

– असलम, ग्राम आजाद नगर

राशन सामग्री के साथ मिली पन्नी इतनी छोटी है कि उससे गृहस्थी बचाई जाए या खुद उसके नीचे रहकर इस तेज धूप और गर्मी से बचें। बीमार होने पर सात किलोमीटर दूर ढाईगांव में बनी बाढ़ चौकी में दवा लेने जाने में सड़कों पर चल रहा चार-चार फुट पानी रास्ता रोक रहा है।

– नाजिम, आजाद नगर

डीएम साहब के राशन वितरण किए जाने की सूचना पर जिन 36 लोगों को बुलाया गया था, वे ही गए थे। उन्हें राशन के पैकेट भी मिले और खाने के पैकेट भी, जिन्हें नहीं बुलाया गया, वे अब भी भूखे-प्यासे भोजन का इंतजार कर रहे हैं।

– मो. तारिक आजाद नगर

बालू खनन माफिया आपदा में भी उठा रहे फायदा

मिर्ज़ापुर। आपदा के समय में भी बालू खनन माफिया फायदा उठाने से नहीं चूक रहे हैं। चौंरा-मंझा संपर्क मार्ग पर बालू खनन माफिया ने गंगा से बालू का खनन करके चौंरा गांव से पूर्व बालू जमा करके डिपो बनाया है। इस बालू डिपो से दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रॉली और डंपर बालू भरकर चौंरा गांव के बीच से निकले बाढ़ के पानी से तेजी से निकल रहे हैं। वाहनों के निकलने से बाढ़ का पानी आसपास के घरों में भर रहा है। ग्रामीणों के विरोध करने पर खनन माफिया और चालक ग्रामीणों के साथ आमादा मारपीट हो जाते हैं। संवाद

बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए कंट्रोल रूम स्थापित

डीएम ने कहा कि बाढ़ पीड़ित आकस्मिक स्थिति में जिला स्तरीय कंट्रोल रूम नंबर 05842-220017, 05842- 220018 व राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम नंबर 1070, 94544 41081 पर संपर्क कर सकते हैं।

मिर्जापुर बाढ़ पीड़ित साबिर।संवाद

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