Shahjahanpur News: राजकीय बाल गृह का दरवाजा तोड़कर फरार हुए सात किशोर

ाजकीय बाल सुधार गृह नवादा। संवाद
शाहजहांपुर। नवादा स्थित राजकीय बाल गृह (बालक) का पीछे का दरवाजा तोड़कर सात किशोर दीवार फांदकर फरार हो गए। सुबह जानकारी होने पर खलबली मच गई। तुरंत ही चाइल्ड लाइन से संपर्क कर तलाश शुरू की गई। टीमों ने दिल्ली से चार और गाजियाबाद से तीन किशोरों को बरामद कर लिया। उन्हें बाल कल्याण समिति दिल्ली के सामने पेश किया गया। टीम अभी किशोरों को लेकर शाहजहांपुर नहीं लौटी है।
मामला बुधवार रात का है। बाल गृह के हॉल में सात किशोरों ने भागने का प्लान तैयार किया था। आधी रात के बाद किशोरों ने पीछे की ओर खुलने वाला दरवाजा नट-बोल्ट खोलने के बाद तोड़ दिया। इसके बाद गेट के पास की दीवार कूदकर फरार हो गए। किशोरों के भागने की ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड व दो अन्य कर्मचारियों को भनक तक नहीं लगी।
सुबह करीब पांच बजे किशोरों की गिनती की गई तो 51 किशोरों में से सात के गैरहाजिर मिलने पर पहले परिसर में ही उनकी तलाश की गई। शौचालय और कमरों में देखा गया। कहीं कोई पता नहीं चला तो खलबली मच गई। अधीक्षक नेमचंद्र ने तुरंत जिला प्रोबेशन अधिकारी गौरव मिश्र को सूचित किया। साथ ही चाइल्ड लाइन के जिला समन्वयक अजय पाल से संपर्क साधा।
इसके बाद चाइल्ड लाइन के व्हाट्सएप ग्रुप पर किशोरों के फरार होने की जानकारी साझा कर उनकी तलाश शुरू की गई। बृहस्पतिवार दोपहर करीब ढाई बजे चार किशोरों को पुरानी दिल्ली और तीन को गाजियाबाद से बरामद कर लिया गया। इस मामले में डीपीओ गौरव मिश्रा ने लापरवाही करने वाले होमगार्ड और दो कर्मचारियों को नोटिस देकर जवाब तलब किया है।
दिल्ली से बरामद किशोरों ने गाजियाबाद का बताया पता
किशोरों के बाल गृह से भागने के बाद चाइल्ड लाइन की टीमों को सक्रिय किया गया। दिल्ली रूट के स्टेशनों पर समूह में किशोरों के नजर आने पर जानकारी साझा करने के निर्देश दिए गए। दिल्ली स्टेशन पर चार किशोरों को बरामद कर पूछताछ की गई। उन्होंने बताया कि तीन किशोर गाजियाबाद के स्टेशन पर उतरकर निकल गए। इसके बाद गाजियाबाद की टीम ने तेजी दिखाई और बरामद कर लिया।
दूसरे किशोरों को भरोसे में लिया फिर तोड़ा दरवाजा
-भागने वाले किशोरों ने दूसरे किशोरों को भरोसे में ले लिया। अधिकारियों के अनुसार, उन्हें आश्वस्त किया कि वे बाल गृह से निकलने के बाद उनके घर पर जाकर सूचित कर देंगे, जिसके बाद उन्हें भी बाहर निकलने का मौका मिल सकेगा।
इतनी बड़ी लापरवाही, मामले को दबाते रहे अधिकारी
बाल गृह से सात किशोर रातों रात निकलकर ट्रेन के जरिये गाजियाबाद और दिल्ली पहुंच गए और अधिकारी और कर्मचारियों को भनक तक नहीं लगी। सुबह जागने पर जानकारी हुई तो मामले को दबा लिया गया। हालांकि, अधीक्षक नेमचंद्र ने गुमशुदगी की तहरीर चौक कोतवाली पर दी थी।
बाल कल्याण समिति के सामने पेश किए गए बालक
अभी 15 दिन पहले चलाए गए अभियान में ही ये बालक पकड़े गए थे। लावारिस हालात में घूमते मिलने पर उन्हें बाल गृह में लाकर रखा गया था। आठ से 17 वर्ष की उम्र के इन्हीं किशोरों ने भागने की पूरी प्लानिंग को अंजाम दिया और कामयाब भी हो गए। उनकी बरामदगी के बाद बाल कल्याण समिति दिल्ली के सामने पेश किया गया।
– बाल सुधार गृह से बालकों के भागने के मामले में होमगार्ड व दो कर्मियों को नोटिस जारी किया गया, साथ ही चेतावनी जारी की है कि पुरावृत्ति होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। – गौरव मिश्रा, जिला प्रोबेशन अधिकारी।
-बाल गृह से भागे किशोरों को बरामद कर लिया गया है। बाल कल्याण समिति ने उन्हें यहां भेजने के लिए आदेशित किया है। जल्द ही टीम किशोरों को लेकर लौटे आएगी। – नेमचंद्र, अधीक्षक, राजकीय बाल गृह बालक
सूचना आने के बाद व्हाट्सएप ग्रुप पर मैसेज साझा किया था। पहले दिल्ली व उसके बाद गाजियाबाद से किशोरों को चाइल्ड लाइन की टीमों ने बरामद किया। – अजय पाल, जिला समन्वयक, चाइल्ड लाइन शाहजहांपुर

