Shahjahanpur News: सीवर लाइन का कार्य पूरा नहीं…नए साल में भी झेलनी होगी मुसीबत


खिरनीबाग में सीवर लाइन के लिए खोदाई करती जेसीबी मशीन। संवाद
शाहजहांपुर। शहर में सीवर लाइन बिछाने की समयसीमा खत्म हो गई लेकिन कार्यदायी संस्था 31 दिसंबर तक काम पूरा नहीं कर सकी। नए साल में भी शहरवासियों को मुसीबत झेलनी होगी। जल निगम के अधिकारी 85 फीसदी काम पूरा होने का दावा कर रहे हैं लेकिन मौके पर हकीकत कुछ और दिख रही है।
राज्य सेक्टर कार्यक्रम के तहत शहर में 186 किमी सीवर लाइन बिछाई जानी है जिसका काम वर्ष 2021 में शुरू हो गया था। कार्य जून 2023 तक पूरा कराया जाना था लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इसके बाद कार्यदायी संस्था को 31 दिसंबर तक समय दिया गया लेकिन इस बार भी काम पूरा नहीं हुआ। अब भी शहर में मुख्य सड़को और गलियों में खोदाई चल रही है जिसका दंश शहरवासियों को झेलना पड़ रहा है। कार्य में देरी के चलते कार्यदायी संस्था टेक्नोक्राफ्ट पर दो करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। जल निगम के अधिकारियों का दावा है कि अब तक 85 प्रतिशत कार्य पूर्ण होने का दावा हो रहा लेकिन अभी लक्ष्य के सापेक्ष सभी घरों तक सीवर लाइन के कनेक्शन तक नहीं पहुंचे हैं। अधिकारियों की माने तो 35 हजार घरों में कनेक्शन दिए जाने हैं पर अभी सिर्फ 11 हजार को कनेक्शन दिए जा सके हैं।
यहां पर चल रहा काम
अंटा चौराहा से जेल रोड पर काम पूरा कराए जाने के बाद टाउन रोड, चारखंभा के पास खोदाई शुरू करवाई गई। सदर बाजार चौराहा पर रविवार को चैंबर बनाने का काम पूरा कर लिया। उसके बाद गड्ढे भरने के लिए मिट्टी डाल दी गई। वाहन के पहिये मिट्टी में धंसने से लोग परेशान होते रहे। चारखंभा पर काम पूरा करवाया जा रहा है। इसी तरह से खिरनीबाग में रामजानकी मंदिर से काली बाड़ी मंदिर रोड पर खोदाई हो रही है। फिर कचहरी रोड पर काम होना है। इनके साथ ही गलियों में भी खोदाई चल रही है। रविवार को उस्मान चौकी के पास गलियों में खोदाई हुई। जिसके चलते लोगों को दुश्वारियां झेलनी पड़ी।
377 करोड़ रुपये की लागत से होना था काम
– इस परियोजना को पूरा करए जाने के लिए 377 करोड़ रुपये प्रस्तावित थे। टेक्नोक्राफ्ट के पक्ष में 248 करोड़ रुपये का टेंडर हुआ। काम का उद्देश्य शहर में सीवर की समस्या और नदियों को प्रदूषण मुक्त बनाना है। इसके लिए घरों के किचन और शौचालय से निकलने वाला पानी सीवर लाइन से होकर मघई टोला में बनाए गए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में जाएगा। जहां पर जल शोधन होगा। उसके बाद शोधित पानी को नदियों में छोड़ दिया जाएगा। यह प्रक्रिया शुरू भी हो चुकी है।
सीवर लाइन का कार्य 31 दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य कार्यदायी संस्था टेक्नोक्राफ्ट को दिया गया था। काम की धीमी गति के चलते उस पर जुर्माना भी लगाया गया लेकिन काम पूरा नहीं हो सका। कनेक्टिविटी का काम बकाया है, जिसे जनवरी में ही पूरा करवा लिया जाएगा।
– विनय शाक्य, सहायक अभियंता, जल निगम



