Shahjahanpur News: कटरी के लोगों का कष्ट… बाढ़ में फसल डूबकर नष्ट, बिजली आपूर्ति भी ठप

बाढ़ में डूबकर नष्ट हुई मक्का की फसल । संवाद
नदियों में जलस्तर घटने के बाद बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में राहत सामग्री का किया जा रहा वितरण
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहजहांपुर। नदियों का जलस्तर घटने के बाद भी तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की परेशानियां कम नहीं हो रहीं हैं। फसल बर्बाद हो गई है। बिजली की सप्लाई बंद होने से लोग अंधेरे में रात काटने को मजबूर हैं।
गांवों में भरा बाढ़ का पानी निकल रहा है, लेकिन बाढ़ से जलमग्न खरीफ फसलें डूबकर लगभग पूरी तरह नष्ट हो गईं हैं। पीड़ित परिवारों का एक मात्र सहारा हर माह सरकारी राशन रह गया है। बाढ़ से घिरे गांवों की बिजली एक सप्ताह से भी अधिक समय से कटी होने के कारण पीड़ित अंधेरे में रहने को मजबूर हैं।
बाढ़ पीड़ितों का कहना है जिन्हें राशन किट मिली है, वे रात मोमबत्ती जलाकर काट लेते हैं। गंगा की बाढ़ से जलमग्न ग्राम इस्लामनगर, आजादनगर, कमथरी, चितार, पैलानी, मस्जिद नगला, चौंरा, बांसखेड़ा, कटैला नगला, लोहार नगला, मोती नगला, बटन नगला, भरतपुर, पकड़िया नगला, पंखिया नगला, अभिचारपुर, अंटा, धोबियन नगला, गुटेटी उत्तर, धीयरपुरा, मोहकमपुर, महोलिया आदि दर्जनों गांवों की खरीफ फसलें ज्वार, बाजरा, धान, मक्का, उर्द, तिल, मेंथा, मूंगफली, शकरकंद डूबकर नष्ट हो गईं हैं।
कलान एसडीएम महेश कुमार कैथल ने बताया कि ग्राम पंचायत पैलानी उत्तर के लगभग सभी बाढ़ग्रस्त मजरों में अब तक 220 राशन पैकिट और लगभग 500 खाने के पैकिट का वितरण किया है। बाढ़ग्रस्त सभी गांवों की बिजली सुरक्षा के दृष्टिगत कटवा दी गई है। हालात सामान्य होने पर फसल के नुकसान का सर्वे कराया जाएगा।
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भरतपुर में लगा पशु चिकित्सा शिविर
मिर्जापुर। बाढ़ग्रस्त ग्राम भरतपुर में पशुओं के लिए चिकित्सा शिविर लगाया गया है। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सहदीप कुमार ने बताया कि शिविर में 53 पशुओं को गलाघोंटू के टीके लगाए गए हैं। 117 पशुओं को कृमिनाशक, 37 पशुओं के लिए किलनी नाशक, 63 को मिनरल मिक्चर के पैकेट वितरित किए गए हैं। आठ बीमार पशुओं का इलाज किया गया है। संवाद
स्वास्थ्य शिविर में 75 रोगी देखे गये
सीएचसी जरीनपुर के प्रभारी डॉ. आदेश रस्तोगी ने बताया कि बाढ़ग्रस्त ग्राम भरतपुर में लगाए गए स्वास्थ्य शिविर में कुल 75 रोगियों का परीक्षण कर दवाएं वितरित कीं गईं। शिविर में सबसे अधिक आई फ्लू और चर्म रोगियों की संख्या रही। गांव में संक्रामक रोगों के बचाव के लिए ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया गया और क्लोरीन की टेबलेट वितरित की गयीं।
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यह है स्थिति
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से जारी रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार को गंगा में नरौरा बैराज से 91 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। रामगंगा में विभिन्न बैराजों से 11,986 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वर्तमान में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 143.65 गेज के सापेक्ष 143.25 मीटरगेज है, जो कि 40 सेमी नीचे है। रामगंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 161.500 मीटरगेज के सापेक्ष 159.830 गेज है। गर्रा और खन्नौत नदी का जलस्तर और गिर गया है।

बाढ़ में डूबकर नष्ट हुई मक्का की फसल । संवाद

बाढ़ में डूबकर नष्ट हुई मक्का की फसल । संवाद

