Shahjahanpur News: कैंट क्षेत्र की दस हजार आबादी को मिलेंगी नगर निगम की सुविधाएं

नगर निगम शाहजहांपुर
शाहजहांपुर। विकास को गति देने के लिए कैंट का नागरिक क्षेत्र नगर निगम में शामिल करने की कवायद अंतिम चरण में आ गई है। शुक्रवार को नगर निगम में प्रशासन, कैंट और निगम के अधिकारियों ने बैठक में कई बिंदुओं पर चर्चा की। नियंत्रण नगर निगम के हाथों में आने के बाद करीब 10 हजार आबादी को निगम की सुविधाएं मिलने लगेंगी। यहां बता दें कि कैंट बोर्ड ने जमीन की कीमत 228.50 करोड़ आंकी है।
छावनी परिषद के अंतर्गत आने वाले सिविल क्षेत्र को नगर निकाय में शामिल करने की प्रक्रिया करीब दो साल से चल रही है। रक्षा मंत्रालय की ओर से इसकी कवायद साल 2022 में शुरू हुई थी। इस संबंध में लगभग दो साल पहले रक्षा मंत्रालय ने सभी कैंट बोर्ड प्रबंधन को पत्र जारी कर सिविल क्षेत्र में स्थित भवन, जमीनों आदि का ब्योरा मांगा था। इस कवायद के बाद से ही कैंट बोर्ड के सिविल क्षेत्र में रहने लोग काफी उत्साहित हैं।
नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, सिविल क्षेत्र में रहने वाली करीब दस हजार की आबादी लंबे समय से नगर निगम में शामिल होने की मांग करती आ रही है। लोगों का मानना है कि नगर निकाय में शामिल होने के बाद उनके भवन के मानचित्र आसानी से पास हो सकेंगे। क्षेत्र में सीवर, पेयजल, सड़कों की मरम्मत, नालियों के निर्माण आदि विकास कार्यों के लिए पर्याप्त बजट मिल सकेगा। कैंट बोर्ड के पास सीमित संसाधन व कम बजट होने के कारण मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं हो पाता है। विधायक व सांसद निधि से काम कराने में भी कैंट बोर्ड की कई औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं।
सबसे ज्यादा 17 एकड़ क्षेत्र पुलिस लाइन का
नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि मोहल्ला दिलाजाक, बाजार द्वितीय, पुलिस लाइन, सिंचाई विभाग परिसर, 132 केवीए ट्रांसफार्मर का परिसर आदि क्षेत्रों को नगर निगम में शामिल किया जाना है। अगर यह क्षेत्र नगर निगम में आते हैं तो यहां विकास की राह खुल जाएगी। कुल 75.23 एकड़ एरिया को शामिल करने की प्रक्रिया चल रही है। सबसे ज्यादा 17 एकड़ क्षेत्र पुलिस लाइन का है। संपत्ति की कुल कीमत 228.50 करोड़ आंकी गई है। इसमें 186 करोड़ की अचल और साढ़े 42 करोड़ रुपये की चल संपत्ति शामिल हैं।
कैंट के सिविल एरिया में 20 कर्मचारी लगे हैं। इन्हें नगर निगम में समायोजित करना होगा। कैंट बोर्ड सभी रिकार्ड नगर निगम और राजस्व विभाग को देगा। कैंट बोर्ड के डंपिंग ग्राउंड में नगर निगम अपना कूड़ा प्रोसेसिंग प्लांट लगा सकता है। कैंट क्षेत्र संपर्क मार्ग आर्मी उपलब्ध कराएगी।
– संजय कुमार पांडेय, एडीएम प्रशासन