Shahjahanpur News: बाढ़ पीड़ितों तक राहत नहीं पहुंचा पा रहा प्रशासन, आज आएंगे मुख्यमंत्री

रामगंगा की बाढ़ से जलमग्न ग्राम बीघापुर पश्चिमी। बाढ़ पीड़ित
शाहजहांपुर/ मिर्जापुर। करीब डेढ़ माह से ग्राम पंचायत पैलानी उत्तर, भरतपुर, गुटेटी उत्तर और पृथ्वीपुर-ढाई के दो दर्जन से अधिक गांवों की लगभग 27,500 की आबादी बाढ़ से ग्रस्त है। प्रशासन अब तक बमुश्किल एक हजार पीड़ितों को ही राशन किट और तिरपाल मुहैया करवा सका है। सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बाढ़ क्षेत्र का निरीक्षण करेंगे और पीड़ितों को राहत सामग्री बांटेंगे।
गंगा की बाढ़ से घिरे गंगा के खादर में अब भी गांवों और सड़कों पर बाढ़ का पानी तेजी से बह रहा है। शनिवार को चौंरा-इस्लामनगर, बांसखेड़ा संपर्क मार्ग पर एक अधेड़ की पानी में बहकर मौत हो चुकी है। रविवार की सुबह ग्राम पंचायत पैलानी उत्तर के प्रधान फारुक अली ग्राम पैलानी, कटैला नगला, मस्जिद नगला के बाढ़ पीड़ितों का हालचाल लेने ट्रैक्टर-ट्राॅली से कई साथियों के साथ जा रहे थे। रोड पर बह रहे पानी का अंदाज न लगने पर ट्रैक्टर गहरे पानी में पलट गया। प्रधान सहित कई उनके साथी किसी तरह डूबने से बचे। हादसा होने की आशंका के मद्देनजर प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी नाव से जलमग्न गांवों में जाने का साहस नहीं जुटा पा रहे हैं।
वहीं हजारों की संख्या में बाढ़ पीड़ित अपने घरों में कैद हैं। उनके पास तक नियमित लंच पैकेट भी नहीं पहुंच पा रहे हैं। अधिकारी ढाईगांव में बनाए गए आश्रय स्थल और जलालाबाद-ढाईघाट स्टेट हाईवे किनारे आश्रय लिए बाढ़ पीड़ितों को लंच पैकेट बांटकर लौट जाते हैं। बाढ़ में घिरे रोगियों को दवा भी देने कोई नहीं पहुंच पा रहा है। न ही रोगी बाढ़ के पानी में होकर दवा लेने चिकित्सा शिविर में पहुंच पा रहे हैं।
लंच पैकेट के लिए आश्रय स्थल पर लगती है भीड़
ढाईगांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बने आश्रय स्थल में वैसे तो लगभग डेढ़ सौ बाढ़ पीड़ित शरण लिए हुए हैं, लेकिन आश्रय स्थल में इतने बाढ़ पीड़ित शाम को खाने के समय ही दिखाई देते हैं। अधिकांश युवा गांवों में मजदूरी या पशुओं के चारे के लिए पूरा दिन आसपास के गांवों के खेतों में घास काटने में दिन बिता देते हैं। बाढ़ क्षेत्र में पशुओं के चारे की भी बड़ी किल्लत है।
अंधेरे में सांप-बिछुओं का रहता है डर
लंबे समय से बाढ़ से जलमग्न गांवों की बिजली कटी हुई है। बाढ़ पीड़ित रात के अंधेरे में जहरीले सांप-बिच्छुओं के बीच रहने को मजबूर है। फिर भी प्रशासन ने बाढ़ पीडितों को दो-दो लीटर केरोसिन देने की जरूरत नहीं समझी है। एक माह और 21 दिन से बाढ़ में फंसे तमाम बाढ़ पीड़ित बच्चों को रिश्तेदारों के यहां छोड़कर खुद नजदीकी कस्बों में मजदूरी करने निकल जाते हैं।
रामगंगा उफान पर प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान
रामगंगा की बाढ़ भी उफान पर है। रामगंगा की बाढ़ से फिलहाल बीघापुर पूर्वी और रोड किनारे बीघापुर पश्चिमी का कुछ हिस्सा ही जलमग्न हुआ है। जरियनपुर गांव में बाढ़ का पानी बढ़ रहा है। जबकि रामगंगा की बाढ़ का पानी जरियनपुर, तारापुर, आलमगंज, गुलडिया, इस्माइलपुर, कम्मरपुर, मिर्जापुर की ओर तेजी से बढ़ रहा है। जलालाबाद-ढाईघाट स्टेट हाईवे ग्राम सिठौली से बीघापुर पूर्वी जाने वाले कच्चे रास्ते मे चार फिट गहराई में रामगंगा की बाढ़ का पानी बह रहा है। इससे लोग गांव से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। प्रशासन से एक नाव तक नहीं मिल पा रही है।
सांसद अरुण सागर ने राशन पैकेट बांटे
सांसद अरुण सागर ने एसडीएम महेश कुमार कैथल के साथ ढाईगांव की बाढ़ चौकी पर ग्राम गुटेटी उत्तर के 55 बाढ़ पीड़ितों को राशन किट और 1215 लोगों को लंच पैकेट बांटे। इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख प्रियांशु रघुवंशी, प्रधान अलवर सिंह यादव, प्रधान कौशलेंद्र सिंह रघुवंशी, फारूक अली, गुड्डू वर्मा, संतोष सिंह, समाजसेवी रिजवान अहमद, राजस्व निरीक्षक सुखवीर सिंह आदि मौजूद रहे।
रामगंगा और बहगुल नदियों का
जलस्तर बढ़ा, फसलें जलमग्न
जलालाबाद। शनिवार रात से रामगंगा और बहगुल नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। रविवार की सुबह खंडहर इलाके के गांव कोना याकूबपुर, मंगटोरा, रपरा, चचुआपुर, शाहपुर, बलदेवपुर, शेरपुर चुरघुटी, थाथरमई, उइला समेत एक दर्जन से ज्यादा गांवों के मुहाने तक पानी ने दस्तक दे दी है।
इसके अलावा अल्हागंज क्षेत्र के सुगसुगी, दहेना, मनिहार बथुआ व कोलाघाट के किनारे बसे अलाहदादपुर बैहारी, नगला, कसारी, निजामपुर नगरिया आदि गांव भी नदी के निशाने पर आ गए हैं। इन गांवों में कई एकड़ फसल जलमग्न हो गई है। ईशपाल, ऋषिपाल, हरीकृष्ण, साहब सिंह, रघुवीर आदि ने बताया कि खंडहर क्षेत्र के शेरपुर चुरघुटी समेत कई गांवों को जाने वाले कई गांवों के रास्ते पर पानी भर जाने से आवागमन की दिक्कत है। रविवार को एसडीएम रविंद्र कुमार ने बाढ़ संभावित कई गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि रामनगर व कसारी गांव के लोगो के आवागमन के लिए नाव उपलब्ध कराई गई है। संवाद
रामगंगा का तेजी से बढ़ रहा जलस्तर
बाढ़ नियंत्रण कक्ष शारदा नहर खंड की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार शनिवार को रामगंगा का जलस्तर 160.560 गेज था, जो कि रविवार को बढ़कर 160.610 गेज हो गया। गंगा, गर्रा और खन्नौत नदी के जलस्तर में गिरावट आई है। रविवार को गंगा नदी में नरौरा बैराज से 1,07,213 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, रामगंगा में विभिन्न बैराजों से 19,317 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
बाढ़ पीड़ितों को लगातार राहत सामग्री बांटी जा रही है। स्वास्थ्य शिविर पर मरीजों को देखकर दवाएं दी जा रहीं हैं। बाढ़ क्षेत्रों में एसडीएम समेत अन्य राजस्वकर्मी निगरानी कर रहे हैं।
– डॉ. सुरेश कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व, बाढ़ प्रभारी अधिकारी

रामगंगा की बाढ़ से जलमग्न ग्राम बीघापुर पश्चिमी। बाढ़ पीड़ित

रामगंगा की बाढ़ से जलमग्न ग्राम बीघापुर पश्चिमी। बाढ़ पीड़ित

रामगंगा की बाढ़ से जलमग्न ग्राम बीघापुर पश्चिमी। बाढ़ पीड़ित

रामगंगा की बाढ़ से जलमग्न ग्राम बीघापुर पश्चिमी। बाढ़ पीड़ित

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