Shahjahanpur News: राजकीय विद्यालयों के कायाकल्प को मिली धनराशि पड़ रही कम
शाहजहांपुर। जिले के राजकीय विद्यालयों के लिए स्वीकृत धनराशि से मरम्मत का कार्य कराया जाना है। अब तक सिर्फ आधी धनराशि ही विद्यालयों को प्राप्त हो सकी है, जिससे विद्यालयों के कायाकल्प का कार्य अटका हुआ है।
जिले के राजकीय विद्यालयों की हालत बहुत अच्छी नहीं है। कहीं भवन जर्जर हो चुका है तो किसी में खिड़की-दरवाजे टूटे हुए हैं। कई बरसों से रंगाई-पुताई न होने के कारण अपनी रंगत तक खो चुके हैं। इनमें नगर क्षेत्र में स्थित जीआईसी के साथ ही जीआईसी कलान, जीजीआईसी कांट व तिलहर शामिल हैं। इन विद्यालयों के कायाकल्प के लिए प्रोजेक्ट अलंकार के तहत पिछले दो सत्रों में धनराशि स्वीकृत हुई थी।
साल 2020-21 में नगर क्षेत्र के जीआईसी व कलान के जीआईसी और वर्ष 2021-22 में जीजीआईसी तिलहर एवं कांट के लिए स्वीकृत मिली, लेकिन स्वीकृत धनराशि से आधा ही आवंटित किया गया। जीआईसी के लिए जहां 44 लाख, वहीं जीआईसी कलान के लिए 15.66 लाख की स्वीकृत मिली, जबकि जीजीआईसी तिलहर को 1.5 लाख और जीजीआईसी कांट को 13 लाख की धनराशि स्वीकृत हुई थी।
इनमें से आधी धनराशि ही विद्यालयों को मिली। इससे विद्यालयों में मरम्मत का कार्य शुरू करवाया गया। अब सारी धनराशि खर्च हो चुकी है, मगर विद्यालयों में प्रस्तावित कार्य अभी पूरे नहीं हो सके हैं।
साल 2023-24 के लिए दो विद्यालय चयनित
प्रोजेक्ट अलंकार के तहत साल 2023-24 के लिए जिले के दो विद्यालयों का चयन हुआ है। जहां टॉयलेट, पेयजल व्यवस्था, अतिथि कक्ष, लाइब्रेरी आदि के निर्माण के लिए पांच करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत हुई है। कार्य का मानक प्राप्त हो गया है। अब टेंडर की प्रक्रिया पूरी कराई जानी है। इसके बाद काम शुरू हो सकेगा।
प्रोजेक्ट अलंकार के तहत प्राप्त धनराशि से राजकीय विद्यालयों का कायाकल्प करवाया जा रहा है। यह धनराशि भारांक के हिसाब से प्राप्त होती है। जिसमें स्थापना वर्ष, छात्र-छात्राओं की संख्या आदि को देखा जाता है। दूसरी किस्त की मांग की गई है। – हरिवंश कुमार, डीआईओएस