Shahjahanpur News: ऑफिसर्स कॉलोनी में फिर चोरी, अब एसडीएम का बंद आवास खंगाला
शाहजहांपुर। थाना सदर बाजार क्षेत्र की सबसे सुरक्षित माने जाने वाली ऑफिसर्स कॉलोनी की सुरक्षा में एक बार फिर चोरों ने सेंध लगा दी। वर्तमान में इटावा में तैनात एसडीएम सुशांत श्रीवास्तव के सरकारी आवास से चोरों ने करीब एक लाख रुपये के माल पर हाथ साफ कर दिया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
एसडीएम सदर रहे सुशांत श्रीवास्तव का करीब दो माह पहले इटावा जिले में इसी पद पर तबादला हो गया था। वह ऑफिसर्स कॉलोनी के आवास संख्या बी-20 में रहते थे। ट्रांसफर होने के बाद अभी आवास खाली नहीं किया था। उनके बंद आवास से चोर करीब एक लाख रुपये का सामान चोरी कर ले गए।
17 सितंबर को सुशांत श्रीवास्तव को किसी तरह जानकारी हुई। उन्होंने एसपी सिटी सुधीर जायसवाल और सीओ सिटी बीएस वीर कुमार को जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पड़ताल की है। एसडीएम की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। इसमें बताया कि चोर एलइडी टीवी, साउंड बॉक्स, कपड़े आदि चोरी कर ले गए हैं। अलमारी में तोड़फोड़ भी की है।
सुरक्षा में लगी सेंध
एसडीएम के बंद आवास की दीवारें काफी नीची हैं। आशंका है कि चोर दीवार फांदकर अंदर प्रवेश कर गए होंगे। इसी लाइन में एसपी सिटी, एडीएम समेत अन्य अधिकारियों के सरकारी आवास हैं। उनके दरवाजे पर सुरक्षा भी तैनात रहती है। इसके बाद भी चोर आसानी से घटना को अंजाम देकर चले गए।
25 अप्रैल को बदायूं की एसडीएम के आवास में हुई थी चोरी
आफिसर्स काॅलोनी में अपराधी लगातार वारदात अंजाम दे रहे हैं। इससे पहले 25 अप्रैल को ट्रांसफर होकर बदायूं गईं एसडीएम राशि कृष्णा के बंद क्वार्टर को चोरों ने निशाना बनाया था। चोरों ने बंगले के पीछे का दरवाजा तोड़कर अंदर घुसकर करीब एक लाख रुपये का माल चोरी कर लिया था। अगले दिन दोपहर में पीछे का दरवाजा खुला देखकर नौकर ने पुलिस को सूचना दी थी। सदर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज भी चेक किए थे। इस घटना का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है।
वृद्धा की हत्या कर भाग गए थे हत्यारे, पुलिस जांच में उलझी
26 जुलाई की सुबह डीएम कंपाउंड के सर्वेंट क्वार्टर निवासी 60 वर्षीय रामबेटी का कमरे में शव पड़ा मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी मौत भारी चीज के वार से होने की पुष्टि हुई थी। चेहरे व हाथ पर तेजाब से जलाने के निशान भी मिले थे। 54 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। इतनी सुरक्षित कॉलोनी में हत्या की वारदात होने के बाद भी खुलासा नहीं होने से पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान लग रहा है।