Shahjahanpur News: तिहरे हत्याकांड के दोषी को आजीवन कारावास की सजा
सात अक्तूबर 2000 को हुआ था हत्याकांड, दो आरोपियों को संदेह के आधार पर किया गया बरी
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहजहांपुर। चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश आलोक कुमार शुक्ल ने पुवायां क्षेत्र के गांव सबलापुर में वर्ष 2000 में हुए तिहरे हत्याकांड में एक दोषी को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है। दो आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए अदालत ने बरी कर दिया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, पुवायां क्षेत्र के गांव सबलापुर निवासी मुरारीलाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसके गांव के धर्मेंद्र वर्मा के खेत से किसी ने चोरी से धान काट लिए। धर्मेंद्र को शक था कि धान धर्मेंद्र उर्फ कल्लू ने काटे हैं। धर्मेंद्र के साथ ही गांव का रामकुमार रिपोर्ट लिखाने के लिए थाने जाने की बात कह रहा था।
मुरारीलाल के भाई महेंद्र ने रामकुमार से कहा कि जब तक सही मुल्जिम की जानकारी न हो जाए, थाने में रिपोर्ट लिखाने क्यों जा रहे हो? इस पर महेंद्र और रामकुमार के बीच कहासुनी हो गई। रामकुमार ने महेंद्र के सीने पर तमंचा रखकर धमकाया। लोगों ने बीचबचाव कर मामला शांत करा दिया।
घटना के कुछ देर बाद महेंद्र, मुरारीलाल तथा उसका बेटा दिनेश और रिश्तेदार रामनरेश गांव मुड़िया कुर्मियात की बाजार जा रहे थे। महेंद्र के पिता शिवसागर लाल भी साथ में थे। मुड़िया के प्राइमरी स्कूल से थोड़ा आगे खेत के पास एक बाइक से राजनबाबू उर्फ इंस्पेक्टर, देवेंद्र और रामकुमार आए। हमलावरों को देखकर वे लोग भागे। रामकुमार ने गोली मारकर शिवसागर लाल की हत्या कर दी।
वे लोग प्यारे के मकान में छिपने के लिए भागे तो उन लोगों ने महेंद्र को घेरकर गोली मार दी। उसकी भी मौके पर मौत हो गई। रामकुमार की चलाई एक गोली प्यारे के पेट में लग गई जिससे वह घायल हो गया। बाद में उसकी भी मौत हो गई। वादी की तहरीर पर पुलिस ने राजनबाबू, रामकुमार और देवेंद्र उर्फ नन्हे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली।
अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और सरकारी वकील शशिमोहन सिंह के तर्कों को सुनने के बाद रामकुमार को दोषी पाया गया। उसे आजीवन कारावास और 17,500 रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया गया। आरोपी राजनबाबू और देवेंद्र को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया।