Shahjahanpur News: लाखों रुपये से बने पशु चिकित्सालय हुए खंडहर

जर्जर स्थिति में पहुंचाददरौल ब्लॉक के कहेलिया में स्थित पशु चिकित्सालय
शाहजहांपुर। पशु चिकित्सा विभाग की ओर से वर्ष 2009 में ददरौल ब्लॉक के गांव सिसौआ और कहेलिया में पशु अस्पताल के लिए जमीन चिह्नित की गई थी। तत्कालीन बसपा सरकार ने दोनों अस्पतालों के लिए 63 लाख रुपये का बजट जारी किया था। भवन बनकर तैयार होने के बाद भी हस्तांतरित नहीं किए गए। नतीजतन अब यह खंडहर हो गए हैं।
ग्रामीण इलाकों में पशुपालकों को दिक्कत न हो इसके लिए जिले में 28 पशु चिकित्सालय बने हैं। नियम है कि हर आठ किमी की दूरी पर पशु चिकित्सालय होना चाहिए। वर्ष 2009 में बसपा सरकार में तत्कालीन मंत्री अवधेश कुमार वर्मा ने ददरौल ब्लॉक के गांव सिसौआ और कहेलिया गांव में पशु चिकित्सालय स्वीकृत कराया था। बजट मंजूर होने के बाद सहकारी एवं शीतगृह संघ को इसके बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। करीब वर्ष 2011 में दोनों चिकित्सालय बनकर तैयार हो गए, लेकिन भवन हस्तांतरित नहीं हो पाए।
विभाग की लापरवाही के चलते हुआ नुकसान
किसी भी निर्माण कंपनी के साथ भवन बनाने से पहले अनुबंध होता है कि वह तय समय में कार्य पूरा करके संबंधित विभाग को सौंप देगी। अगर इसमें देरी होती है तो संबंधित विभाग निर्माण एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई करा सकते हैं, लेकिन पशु चिकित्सा विभाग के तत्कालीन अधिकारियों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया।
ग्रामीणों को भी हुई परेशानी
अगर अस्पताल खुल जाते तो ग्रामीणों को दूर क्षेत्र में पशुओं को इलाज के लिए नहीं ले जाना होता। अस्पताल न खुलने से ग्रामीण दूर क्षेत्रों में पशुओं को इलाज के लिए ले जाते हैं। विभाग और निर्माण एजेंसी का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।
ग्रामीण की सहूलियत के लिए पशु चिकित्सालय बनवाने का प्रस्ताव दिया था। बजट भी मंजूर करा दिया था। इसके बाद हमारी सरकार चली गई। इसलिए हम इस पर कोई कदम नहीं उठा सके।
– अवधेश वर्मा, पूर्व मंत्री
अभी हाल में जिले का चार्ज लिया है। कहेलिया और सिसौआ पशु अस्पतालों के बारे में जानकारी नहीं हैं। इनकी स्थिति को देखकर नए सिरे से प्रयास किया जाएगा।
– मनोज कुमार अग्रवाल, जिला पशु चिकित्साधिकारी