Shahjahanpur News: एसटीपी से जल शोधन शुरू, सीवर लाइन डालने का काम पिछड़ा
शाहजहांपुर। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का काम पूरा हो गया है। हालांकि अभी सीवर लाइन डालने का ही कार्य चल रहा है। लोगों के घरों तक सीवर के कनेक्शन नहीं हुए हैं, जिसकी वजह से एसटीपी से गंदे पानी का शोधन पूरी क्षमता से नहीं हो पा रहा है।
कार्यदायी संस्था जल निगम को सीवर लाइन बिछाने और एसटीपी प्लांट लगाने का कार्य सौंपा गया है। इसके लिए शासन की ओर से 3 अरब, 77 करोड़, 51 लाख, 48 हजार रुपये का बजट मंजूर हुआ है। शहर में 186 किमी सीवर लाइन बिछाई जानी है। इसका काम जून 2021 में शुरू हो गया था और 31 मई 2023 तक होना था। बावजूद इसके सीवर लाइन डालने का काम अब भी जारी है।
अनियोजित ढंग से सीवर लाइन डालने के लिए की जा रही सड़कों की खोदाई से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब जल निगम के अधिकारियों का कहना है कि दिसंबर 2023 तक सीवर लाइन डालने का काम पूरा करा लिया जाएगा, जबकि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लग चुका है और जल शोधन कार्य जारी है। हालांकि कुछ जगहों पर सीवर लाइन डालने का काम अधूरा होने के कारण जल शोधन बड़ी मात्रा में नहीं हो पा रहा है।
यहां पर अधूरा है सीवर लाइन डालने का काम
जल निगम के अधिकारियों के अनुसार, शहर में केरूगंज की ओर से एसटीपी तक जाने वाली सीवर लाइन अधूरी पड़ी है। हनुमत धाम और बांसमंडी के पास कार्य अधूरा है, जिसे पूरा किया जाना है। साथ ही जेल रोड, चारखंभा के पास भी सीवर लाइन डालने का कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है। इसका कारण वर्तमान में कांवड़ यात्रियों का निकलना बताया जा रहा है।
अधूरा कार्य पूरा होने पर 70 फीसदी सीवर का गंदा पानी पहुंचेगा एसटीपी में
वर्तमान में सिर्फ दस प्रतिशत सीवर का गंदा पानी ही एसटीपी तक पहुंच रहा है। इसमें किला, मघई टोटा आंशिक व अब्दुल्लागंज मोहल्लों में पड़ी सीवर लाइन का गंदा पानी शामिल है, जबकि केरूगंज, हनुमत धाम, बांसमंडी, जेल रोड, चारखंभा आदि स्थानों पर सीवर लाइन डालने का काम अधूरा है। इसके पूरा होने पर 70 प्रतिशत सीवर का गंदा पानी एसटीपी तक पहुंचने लगेगा और शोधन कर नदियों में छोड़ा जाएगा।
सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लग चुका है। जल शोधन का कार्य भी शुरू हो गया है। कुछ जगहों पर सीवर लाइन डालने का काम अधूरा होने के कारण जल शोधन बड़ी मात्रा में नहीं हो पा रहा है। जहां पर कार्य अधूरा है, उसको जल्द पूरा करवा लिया जाएगा।
– विनय कुमार, सहायक अभियंता, जल निगम