Shahjahanpur News: हमें झूठे मामले में सजा कटवाई, अब ईश्वर ने किया न्याय

गांव धारा में वर्ष 1998 में इसी जगह हुई थी नन्हेंलाल की हत्या
पुवायां। गांव धारा के सात लोगों को आजीवन कारावास की सजा मिलने की जानकारी पाकर वादी दनुक्के और उनके परिवार के लोग खुश हैं। उनका कहना है कि ईश्वर ने उन लोगों के साथ न्याय किया है। कारण है कि दूसरे पक्ष के लोगों ने उन्हें हत्या के झूठे मामले में फंसा दिया था।
मुकदमे के वादी दनुक्के और उनके भाई परिमाल ने बताया कि वर्ष 1996 में गांव के मल्लू की 12 वर्षीय पुत्री गांव में ही वीसीआर पर फिल्म देखने गई थी। वहां भीड़ में उसकी गोली लगने से मौत हो गई थी। गोली गांव के ही एक युवक ने नशे में चलाई थी। पार्टीबंदी के चलते मल्लू ने परिमाल, तौलेराम, क्षत्रपाल को नामजद कराया था। मुकदमे में वर्ष 2003 में तीनों लोगों को दस-दस साल की सजा हो गई। परिमाल सजा पूरी कर घर आ चुके हैं, लेकिल तौलेराम अभी एक अन्य मामले में जेल में ही हैं।
दुनक्के और परिमाल के अनुसार, लड़की की मौत के बाद दूसरे पक्ष के लोग रंजिश मानने लगे। वर्ष 1998 में दनुक्के अपने भाई नन्हेंलाल, तौलेराम और भतीजे परिमाल के साथ खेत से डनलप में भूसा भरकर ला रहे थे। आरोपी गाड़ाबंदी किए बैठे थे। उन लोगों को देखते ही आरोपियों ने फायरिंग कर दी, जिसमें नन्हेंलाल की मौत हो गई और दुनक्के, परिमाल, तौलेराम घायल हो गए थे। दुनक्के की ओर से दस लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। मुकदमे के दौरान तीन लोगों की मौत हो गई और सात लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।
परिमाल और दुनक्के का कहना है कि ईश्वर के घर देर है, लेकिन न्याय जरूर मिलता है। उन लोगों को झूठा फंसाने और भाई की हत्या कर देने का दंड ईश्वर ने रामऔतार, चिरौंजी और उनके सहयोगी छुटकुन्नू, रिश्तेदार रविंद्र, राजपाल, गुड्डू, शंकर को दिया है।
छत्रपाल का कई वर्ष से नहीं है कोई पता
मल्लू की पुत्री की मौत में परिमाल, तौलेराम के साथ उनका भाई छत्रपाल भी नामजद हुआ था। मुकदमे के दौरान छत्रपाल लापता हो गया। उसे गायब हुए 20 वर्ष से अधिक हो चुके हैं। परिमाल का कहना है कि छत्रपाल को उन लोगों ने काफी तलाशा, लेकिन कोई पता नहीं चल सका। पता नहीं कि वह अभी जिंदा भी है या नहीं।
मेरा भाई नन्हेंलाल बिना वजह मार दिया गया था। मैं भी घायल हुआ था। अब जाकर न्याय मिला है। आरोपियों को सही सजा सुनाई गई है। इससे जरा सी बात पर हत्या कर देने वालों को सब मिलेगा।
– दनुक्के, मुकदमे वादी, निवासी गांव धारा
मेरे भाई नन्हेंलाल की सरेआम हत्या की गई थी। मुझे भी निर्दोष होने के बाद भी दस साल की सजा काटनी पड़ी। सही न्याय हुआ है। आज उनके भाई की आत्मा को शांति मिलेगी।
परिमाल, (नन्हेंलाल का भाई) गांव धारा

गांव धारा में वर्ष 1998 में इसी जगह हुई थी नन्हेंलाल की हत्या

गांव धारा में वर्ष 1998 में इसी जगह हुई थी नन्हेंलाल की हत्या