Shahjahanpur News: दो सगे भाइयों समेत सात को आजीवन कारावास
शाहजहांपुर। अनुसूचित जाति व जनजाति (अत्याचार निवारण) के विशेष न्यायाधीश अखिलेश पाठक ने वर्ष 1998 में पुवायां के गांव धारा में हुई हत्या के मामले में दो सगे भाइयों समेत सात आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया। कोर्ट ने 35-35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
सरकारी वकील मनोज मिश्रा व अतुल अग्निहोत्री ने बताया कि पुवायां क्षेत्र के गांव धारा निवासी दुनक्के ने छह मई 1998 को मुकदमा दर्ज कराया था कि बड़े भाई तौले की मल्लू, चिरौंजी, रामऔतार से मुकदमे को लेकर रंजिश चल रही है। छह मई 1998 की शाम को सात बजे वह, उनके भाई तौले, नन्हें व परमाल खेत से भूसा लेकर घर आ रहे थे। रास्ते में सगे भाई रामऔतार और चिरौंजी, गुड्डू उर्फ छत्रपाल, मुन्ना, प्रदीप, शंकर, छुटकन्नू, मल्लू, रविंद्र व गेंदन असलाह लेकर निकले।
आरोपियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। फायरिंग में उसे व उसके भाई तौले व भतीजे परमाल को गोली लग गई। भाई नन्हें गोली लगने से घायल होकर अपने दरवाजे पर गिर गया। उसकी मौके पर मौत हो गई। वादी की तहरीर पर पुलिस ने अभियुक्ताें के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। विशेष न्यायालय में मुकदमा चलने के दौरान 13 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। सरकारी वकीलों के तर्क सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने रामऔतार, रविंद्र, छुटकन्नू, राजपाल, गुड्डू उर्फ छत्रपाल, चिरौंजी, शंकर उर्फ हरिशंकर को हत्या करने का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।