Shahjahanpur News: ऐसी माला किस काम की जिसमें श्रीराम न हों

खिरनीबाग जीआईसी खेल मैदान में श्री शिवमहापुराण कथा एवं रुद्राभिषेक में गद्दी का पूजन करतीं म
शाहजहांपुर। खिरनीबाग जीआईसी खेल मैदान पर शिव महापुराण एवं रुद्राभिषेक में सोमवार को कथावाचक ने हनुमान जी के चरित्र का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान राम की सभा में हनुमान जी को अपना सीना क्यों चीरना पड़ा।
कथावाचक गौर दास महाराज ने कहा कि तारकासुर के अत्याचार से पूरा ब्रह्मांड कांप उठा था, उसी समय लक्ष्मी नारायण भगवान भगवान शंकर के सम्मुख प्रकट हुए और उन्होंने कहा कि हे प्रभु, अब कार्तिकेय के जन्म का समय आ गया। कार्तिकेय के हाथों से ही तारकासुर का वध होगा। यह कहकर लक्ष्मी नारायण भगवान मोती रूप में भगवान शंकर के हृदय में समाहित हो गए।
लंका विजय के बाद भगवान राम का राजतिलक संपन्न हुआ। भगवान राम व माता सीता ही लक्ष्मी-नारायण का स्वरूप थे। सभा में बैठकर सभी को उपहार देकर सम्मानित कर रहे थे। उसी समय माता सीता ने देखा हनुमान जी शांत मुद्रा में विराजमान हैं। उन्होंने हनुमान जी को मोती की दिव्यमाला प्रदान की, लेकिन उन्होंने एक-एक मोती अपने दांतों से तोड़कर बिखेर दिए। सभा में यह देखकर सभी दंग रह गए।
जब सुग्रीव ने इसका कारण पूछा तो वह बोले कि ऐसी माला उनके किस काम की जिसमें मेरे प्रभु सीताराम दिखाई ना दिखाई दें। सुग्रीव के उलाहना देने पर हनुमान जी ने अपना सीना चीरकर दिखा दिया, जिसमें राम-सीता के सभी ने दर्शन किए। कथा प्रारंभ होने से पहले आचार्य विवेकानंद शास्त्री ने एडीएम एफआर डॉ. सुरेश कुमार से पूजन संपन्न कराया।
इस मौके पर अध्यक्ष दीपक शर्मा, मुख्य आयोजक हरिशरण वाजपेयी, सीमा वाजपेयी, शैली गुप्ता, सोनिया गुप्ता, महिमा शुक्ला, पवन दीक्षित, सतीश वर्मा, आराधना गुप्ता, जितेंद्र नाथ तिवारी, श्री दत्त शुक्ला, नीरज वाजपेयी आदि मौजूद रहे।