Shahjahanpur News: छात्राओं ने अनुदेशक की हरकतें बताईं तो शिक्षिका ने दी थी चुप रहने की हिदायत
शाहजहांपुर। ददरौल क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में 13 छात्राओं का यौन शोषण करने वाला कंप्यूटर अनुदेशक मोहम्मद अली की हरकतों से से गांव वाले भी त्रस्त थे। सहायक अध्यापिका शाजिया न केवल उसकी हरकतों पर पर्दा डालती थी, बल्कि सहयोग भी करती थी। छात्राओं ने अनुदेशक की हरकतों की शाजिया से शिकायत भी की थी, लेकिन उसने छात्राओं को बदनामी का भय दिखाकर खामोश रहने की हिदायत दे दी थी। ग्रामीणों का आरोप है कि अनुदेशक तमंचा और चाकू दिखाकर लोगों को धमकाता था।
जूनियर हाईस्कूल में छात्राओं के यौन शोषण का मामला 13 मई को प्रकाश में आया था। इसके बाद ग्रामीणों ने विद्यालय में पहुंचकर अनुदेशक मोहम्मद अली के साथ मारपीट और हंगामा करने के बाद पुलिस ने पहुंचकर मोर्चा संभाला था। पुलिस ने मोहम्मद अली को गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में लालता प्रसाद की ओर से कंप्यूटर अनुदेशक मोहम्मद अली, इंचार्ज प्रधानाध्यापक अनिल और सहायक अध्यापक शाजिया के खिलाफ तिलहर थाने में केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने अनुदेशक को जेल भेज दिया था। अनिल और शाजिया को बीएसए ने निलंबित कर दिया। अनुदेशक की सेवाएं समाप्त कर दीं।
गांव के लोग अनुदेशक की हरकतों से कई महीने से परेशान थे। स्कूल की एक अन्य शिक्षिका ने बताया कि उन्होंने आठ मई को एक छात्रा के साथ अनुदेशक मोहम्मद अली के अश्लील हरकतें करने की शिकायत प्रधानाध्यापक से की थी, लेकिन उन्होंने इसे टाल दिया था। 12 मई को फिर छात्राओं ने अनुदेशक की हरकतों की शिकायत शिक्षिका शाजिया से की तो उन्होंने छात्राओं को बदनामी का भय दिखाकर चुप रहने की हिदायत दे दी। इसके बाद छात्राओं ने अपने परिजनों को मामले की जानकारी दी। गांव के लालता प्रसाद ने बताया कि अगले दिन तमाम महिलाएं और पुरुष स्कूल में पहुंचे और अनुदेशक को पुलिस के हवाले कर दिया। इंचार्ज प्रधानाध्यापक व सहायक अध्यापिका को पुलिस के छोड़े देने से ग्रामीणों में आक्रोश है।
महिलाओं को भी तंग करता था अनुदेशक
स्कूल की छात्राएं ही नहीं, बल्कि महिलाओं को भी अनुदेशक परेशान करता था। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ दिन पहले महिलाएं स्कूल के पास उपले पाथ रही थीं। तभी अनुदेशक मोहम्मद अली बाहर आया और उनके सामने पेशाब करने लगा। इस पर महिलाओं ने उसे फटकार भी लगाई थी।
रात में खुलता था स्कूल, फिर होती थी पार्टी
ग्रामीणों ने बताया कि अनुदेशक के पास स्कूल की एक चाबी रहती थी। आए दिन रात में स्कूल खुला मिलता था। वहां शहर के लोगों का आना-जाना रहता था। गांव के किनारे स्कूल होने के कारण कोई रोक-टोक नहीं होती थी।
ऐसे आईं छात्राएं सामने
अनुदेशक मोहम्मद अली के छात्राओं से छेड़छाड़ करने की शिकायत एक छात्रा ने शिक्षिका से 12 मई को की थी। लालता प्रसाद ने बताया कि शिक्षिका और अनुदेशक आपस में बातचीत कर रहे थे, तभी स्कूल की अन्य छात्राओं ने अपने साथ छेड़छाड़ की शिकायत की। धीरे-धीरे 13 लड़कियां सामने आ गईं।