Shahjahanpur News: जेल में बंद भाई की आंखों के आंसू पोंछे, रिहाई का वादा कर बांधी राखी

जिला कारागार में भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए लाइन में लगीं बहनें। संवाद
शाहजहांपुर। जिला कारागार में बंद बंदियों की कलाई पर उनकी बहनों ने राखी बांधी। उनका मुंह मीठा कराया। बहन के स्नेह को देखकर भाइयों के आंसू छलछला आए। बहनों ने जल्द ही रिहाई का वादा करते हुए विदाई ली। शाम तक 1515 महिलाओं ने अपने भाइयों से मुलाकात की।
सुबह सात बजे से जेल प्रशासन ने मिलाई करने आने वालीं महिलाओं को प्रवेश दे दिया। पहला ग्रुप 25 महिलाओं का था। उसके बाद प्रत्येक ग्रुप में 50 महिलाओं व बच्चों को अंदर भेजकर रक्षाबंधन का त्योहार मनवाया। अंदर भाई-बहनों के बैठने के इंतजाम के साथ पानी का इंतजाम भी कराया गया था। जेल अधीक्षक मिजाजीलाल ने एक दिन पहले ही सारी तैयारियों को मुकम्मल करते हुए वालंटियर लगा दिए थे।
बहन नहीं आई मिलने, नाराज भाई ने किया राखी बंधवाने से इन्कार
जेल अधीक्षक मिजाजी लाल ने बताया कि दोपहर में एक महिला परिसर में बैठकर रो रही थी। उन्होंने कारण जाना तो उसने बताया कि परेशानी के कारण मुलाकात करने नहीं आने से भाई नाराज हो गया है। वह राखी बंधवाने भी नहीं आया। इसके बाद मिजाजी लाल ने गुड्डू निवासी जलालाबाद को बुलाया। बहन को देखकर वह रोने लगा। उसने बताया कि चार बहनों में कोई उससे मिलने अब तक नहीं आया। जेल अधीक्षक के समझाने पर राखी बंधवाने को तैयार हुआ। उसके बाद अपनी बहन रामरती के पैर छुए।

जिला कारागार में भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए लाइन में लगीं बहनें। संवाद