दूध उत्पादन बढ़ाने की कवायद को पलीता: पशुधन मंत्री के जिले में बना नस्ल सुधार केंद्र, एक भी दिन नहीं चला

बहेड़ी में पशु उत्थान एवं वर्ण संकर केंद्र
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पशुधन व दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह के जिले में सिस्टम की सुस्ती ने दुधारू पशुओं की नस्ल में सुधार करके दूध उत्पादन बढ़ाने की कवायद को पलीता लगा दिया। बरेली के बहेड़ी के मुड़िया मुकर्रमपुर में 33 करोड़ रुपये की लागत से वर्ष 2018 में बनाया गया पशु उत्थान वर्ण संकर केंद्र बीते पांच साल में एक भी दिन नहीं चल सका।
पशु चिकित्सकों और स्टाफ के आवासों के साथ प्रयोगशाला और क्लास रूम बनाए गए, ताकि प्रयोग हों और प्रशिक्षण देकर नई नस्लों को विकसित किया जा सके। मगर अति महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर लाने के लिए विशेषज्ञों और कर्मचारियों की तैनाती नहीं हो सकी। पशुपालन विभाग से संबद्ध कर लिए गए उधार के स्टाफ से केंद्र की देखरेख हो रही है।
केंद्र के संचालन के लिए संयुक्त निदेशक का पद स्वीकृत है पर तैनाती नहीं है। बहेड़ी के उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. दीपक कुमार के पास अतिरिक्त कार्यभार है। वह कभी कभी पहुंचते हैं। केंद्र का संचालन कब तक शुरू होगा, उन्हें भी पता नहीं है। इस बीच इमारत की हालत खस्ता हो रही है। प्लास्टर गिर रहा है। परिसर में घास बढ़ रही है। सफाई तक नियमित नहीं हो रही है।



