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मंदी का असर है? मई महीने में 7 प्रतिशत कम नई हायरिंग हुई

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मई में नई नौकरियां: नई नौकरी की रचना किसी भी उद्योग के लिए बहुत अहम होती है। भारत में हायरिंग को लेकर एक ऐसी खबर का संकेत मिलता है। फाउंडिट की रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि पिछले साल की तुलना में पिछले साल की तुलना में नई हेरिंग में करीब 7 प्रतिशत की कमी पाई गई है। एक ऐसा टैलेंट प्लेटफॉर्म मिला है जिसने एशिया और मध्य पूर्व के कई हिस्सों में काम किया है। बिजनेस स्टैंडर्ड में छपी रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल की तुलना में नए भर्तियों में 7 फीसदी की कमी दर्ज की गई है, लेकिन शहरों में जॉब की संख्या में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है। देश के दृश्य-2 शहर जैसे मिक्सर, जयपुर में हायरिंग में स्पॉट दर्ज किया गया है।

हैयरिंग किस कारण से हुआ

इस रिपोर्ट से यह भी पता चला है कि देश में महीने के होश से इंडेक्स में 4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। गिरावट के पीछे मुख्य कारण आर्थिक मंदी है। वैश्विक मंदी के आसार के कारण देश की कई संस्थाओं ने बड़े पैमाने पर कर्मचारियों को खींचा है। इसके साथ ही अपने खर्च में कटौती करने के लिए कई संस्थाओं ने नई हायरिंग की प्रक्रिया को कम या कुछ समय के लिए रोक दिया है। ऐसे में इसका असर देश में होने वाली नई भर्तियों की आंकड़े पर पड़ रहा है।

इन सेक्टर्स में सट्टेबाजी

मई के महीने में पिछले साल के प्रचार में भले ही कमियां रही हों, लेकिन कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जिनमें नए भर्तियों में वृद्धि दर्ज की गई है। कुल 13 सेक्टरों पर नजर रखने के बाद यह पता चला है कि एचआर और एडमिन उन तीन सेक्टरों में से एक है जहां भरियों में कुल 8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इसके अलावा सेल्स और बिजनेस ऑडिट और स्टोर और टूरिज्म में भी नए भर्तियों की अशुद्धि दर्ज की गई है। समुद्री उद्योग में भी पिछले वर्षों में 45 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

इन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा कम हुई हायरिंग

वहीं बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर के लिए मई का महीना अच्छा नहीं रहा है। इस सेक्टर में पिछले साल के जय जय जयकार में 10 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। वैश्विक अर्थव्यवस्था में गिरावट, कई अस्पष्ट, अजीबोगरीब अटकलों और आपूर्ति श्रृंखला में रुकावटों के कारण बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र पर सबसे अधिक बुरा प्रभाव पड़ा है।

इन शहरों में सबसे कम हायरिंग हुई है

इस रिपोर्ट से पता चला है कि जहां बैंगलोर जैसे शहरों में हायरिंग में 24 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है। वहीं मनपाड़ा में सबसे ज्यादा लोगों को नया जॉब मिला है. इसके अलावा चंडीगढ़, कोलकाता, बड़ौदा और कोच्चि में भी हायरिंग में गिरावट देखी जा रही है। बड़ौदा में पिछले साल 7 प्रतिशत, कोयम्बटूर और कोच्ची में 2 प्रतिशत हायरिंग में कमी आई है। वहीं कोलकाता में यह 16 प्रतिशत के आसपास है।

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