बिजनेस के अटके से मई का महीना बहुत अच्छा, 17,000 नए आरोपित वजूद में आए
मई 2023 में नई कंपनियां: केंद्र की मोदी सरकार ने आंदोलन को बढ़ावा देने के लिए पिछले कुछ वर्षों से कई कदम उठाए हैं। अब यह असर दिखा रहा है। लाइव मिंट में छपी खबर के अनुसार मिनिस्ट्री ऑफ कॉर्पोरेट अफेयर्स ने कहा है कि मई के महीने में देश में 17,000 से अधिक प्राधिकरण की स्थापना की गई है। ऐसे में साल की शुरुआत से लेकर अब तक कुल प्राधिकरण की संख्या 33,600 हो गई है।
इन श्रेणियों की प्राधिकरण की सबसे अधिक स्थापना हुई
मिनिस्ट्री ऑफ कॉर्पोरेट अफेयर्स की रिपोर्ट के अनुसार मई में स्थापित हुआ कुल प्राधिकरण की पेड अप कैपिटल 722 करोड़ रुपये है। ध्यान देने वाली बात यह है कि पेडाज़ोडिज़ वह होती है जिसके लिए भुगतान को शेयर जारी किया जाता है और भुगतान भी शेयर धारक ही करते हैं। वहीं इन ऑब्जेक्ट की कुल ऑथराइज्ड कैपिटल की राशि 2,611 करोड़ रुपये है। लाइव मिंट में छपी रिपोर्ट के अनुसार प्राधिकरण प्राधिकरण में 900 कंपनियां कृषि क्षेत्र से संबंधित हैं। वहीं बिजनेस सर्विस से संबंधित प्राधिकरण की संख्या 2,480 है। वहीं कुल 2,600 कंपनियां मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से जुड़ी हैं। रीयल एस्टेट, निर्माण, टेड्रिंग, स्टिकर, स्टोरेज और कम्युनिकेशन की भी कई प्राधिकरण की स्थापना हो सकती है।
अप्रैल में उद्यम की स्थापना हुई
अप्रैल के महीने में कुल 16,000 संस्था की स्थापना की गई है। ध्यान देने वाली बात ये है कि नई संस्था की स्थापना से देश में नौकरी की संख्या में नामांकन। जहां नई होस्टिंग की स्थापना एक तरफ अच्छा संकेत है, वहीं दूसरी तरफ इन होस्टिंग के लिए भी कम नहीं है। जिज्ञासु कंपनियां पिछले लंबे समय से फंडिंग की कमी से जूझ रही हैं। ऐसे वैश्विक मंदी की आहटों के बीच इन संस्थाओं को कारोबार बढ़ाने के लिए ज्यादा मेहनत करें।
इन राज्यों में हुआ सबसे ज्यादा कंपनी रजिस्ट्रेशन
मिनिस्ट्री ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स के डाटाबेस के अनुसार देश में कुल 1.5 मिलियन से अधिक प्राइवेट लिमिटेड कंपनियां रजिस्टर हैं। ध्यान देने वाली बात ये है कि कुल प्राइवेट लिमिटेड प्राधिकरण में से एक तिहाई कंपनियां बिजनेस सर्विस सेक्टर से संबंधित है। वहीं 13 विशिष्ट कंपनियां ट्रेडिंग से जुड़ी हैं। महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में सबसे ज्यादा ट्रेडिंग कंपनियां हैं। सरकार समय-समय पर इन प्राधिकरण की जांच करती है और बिना फोकस की प्राधिकरण के पंजीकरण को बंद करती रहती है।
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