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एशिया के इस देश में 264 खतरनाक जगहों पर फैला है, जानें अन्य देशों का क्या हाल है

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उच्चतम मुद्रास्फीति दर: नियमित रूप से केवल भारत के लोग ही परेशान नहीं होते हैं। दुनिया में कई ऐसे देश हैं जो इससे बुरी तरह प्रभावित हैं। आंतरिक देशों के अर्थव्यवस्ता पर भी इसका साफ असर देखा जा सकता है। कुछ देश ऐसे हैं जहां शटर दर दहाई पॉइंट में हैं और कुछ देश ऐसे हैं तो ये 3 पॉइंट में पहुंच गए हैं। एशियाई देशों की बात करें तो इस क्षेत्र में एक देश ऐसा भी है जहां पर 264 प्रतिशत निशाने पर पहुंच जाते हैं।

सबसे ज्यादा अधिकार रखने वाला देश

एशियाई देशों में सबसे अधिक दर्ज़ करने वाला देश लेबनान है। मार्च 2023 तक की आंकड़ों के अनुसार लेबनान में मुद्रास्फीति की दर 264 प्रतिशत तक पहुंच गई है। वहीं पिछले महीने यह 190 प्रतिशत पर था। पिछले आँकड़ों से अब तक लेबनान में 74 आँकड़े आ रहे हैं। इस मुद्रास्फीति की दर में गड़बड़ी के कारण ही लेबनान में सामान की निगाहों में बेताहाशा तेजी से आ रही है।

एशिया के सबसे ज्यादा दबदबे वाले देश

इस कड़ी में पहले नंबर पर लेबनान का नाम शामिल है। वहीं दूसरा नंबर सीरिया पर है, जहां इंफ्लेशन रेट 139 प्रतिशत पर पहुंच गया है। झिझक दर की रिपोर्ट में देशों में सबसे ज़्यादा दाख़िल होने वाले देशों में तीसरा नंबर ईरान है, जहां दर 53.4 प्रतिशत है। इसके बाद ब्लूज़ का नाम होता है, जहाँ सभी देशों की प्रविष्टियाँ एक तरफ़ होती हैं, वहीं ब्ल्यूज़ की चमक दर में पिछली रिपोर्ट के अनुसार 0.29 प्रतिशत कम होती हैं। ब्ल्यूस के बाद पांचवें नंबर पर भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान का नाम शामिल हुआ, जहां अप्रैल के महीने में झिलमिलाहट 36.4 प्रतिशत तक पहुंच गई।

भारत में विलंबित

अगर भारत की झलक दर को देखें तो मार्च के आंकड़ों में पिछले महीने के विज्ञापन आवंटन I है। जहां फरवरी में भारत की झलक 6.44 प्रतिशत थी। इसी मार्च महीने में 0.98 प्रतिशत कंपोनेंट 5.66 प्रतिशत पर आ गया है।

पैसा रीलों

भारत के पड़ोसी देशों की चिंताएं

भारत के पड़ोसी देश नेपाल की मुद्रास्फीति की दर 7.44 प्रतिशत है। वहीं बांग्लादेश में गोपनीयता दर 8.78 प्रतिशत से 9.33 प्रतिशत पर है। आर्थिक रूप से खराब स्थिति से उभर रही श्रीलंका की इस सूची में छठीं सबसे कम संख्या में मौजूद है। श्रीलंका के अप्रैल के महीने में आई रिपोर्ट के मुताबिक यहां पर चमक दर 35.3 प्रतिशत है, जिसमें अब तक लगभग 15 प्रतिशत की गिरावट आई है।

(आंखड़े निवेश डॉट कॉम से गए हैं।)

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