VIDEO : शाहजहांपुर में तीन दिवसीय सत्संग समारोह का समापन, संतों ने बताई गुरु नाम की महिमा
शाहजहांपुर के बाबा विश्वनाथ मंदिर यात्री निवास में चल रहे दिन दिवसीय आध्यात्मिक सत्संग समारोह का शनिवार को समापन हो गया। संतों के प्रवचन के बाद गुरुजनों और साधकों ने अश्रुपूरित होकर विदाई ली। समापन सत्र में आचार्य प्रभुदयाल महाराज ने कहा कि संत सरलता के प्रतीक होते हैं। संत का स्वभाव ही दूसरों की भलाई करना होता है। ऐसे की समर्थ गुरु थे। उन्होंने साधकों के जीवन को सुधारने के लिए अपना जीवन लगा दिया। गुरु की भक्ति में जो लगता है उसकी सीरत ही बदल जाती है। गुरु कहते हैं तुम मुझे ही मानों, मैं तुम्हारे लिए ही आया हूं। गुरु सर्वज्ञ बना देता है। गुरु भाव से प्रसन्न हो जाते हैं, द्रवित होकर दया करते हैं। सत्संग समारोह में आचार्य सुंदर लाल, आचार्य श्याम मोहन टंडन, शिव प्रसाद सेठ, रघुवर दयाल, केसी श्रीवास्तव, चमन, अनूप पचौरी ने भी प्रवचन दिए।