अमेरिकी उद्योग का ऐसा बुरा हाल वारेन बफेट ने सपने में भी नहीं सोचा था
अमेरिकी ऋण पर वॉरेन बफेट: अमेरिकी उद्योग इन दिनों अपेक्षय समस्या से जूझ रही है। एक ओर 2008 के बाद से सबसे खराब बैंकिंग संकट के कारण मंदी का खतरा मँडरा रहा है, वहीं दूसरी ओर अमेरिका के सामने ऋणों के भुगतान में चूक होने का जोखिम है। दिग्गज निवेशक वारेन बफेट ने इन स्थितियों को देखते हुए पहली बार प्रतिक्रिया दी है।
सिस्टम में तबाही मचाएगा
वारेन बफेट अभी अपनी कंपनी बर्कशायर हाथवे इंक के विलय की योजना आम बैठक में हिस्सा लेने के लिए अमेरिकी प्रांत नेब्रास्का के ओमाहा में हैं। इस दौरान उन्होंने अमेरिकी डिफॉल्ट की गहरी आशंका को लेकर शनिवार को कहा कि ऐसी स्थिति की कल्पना उन्हें कभी सपने में नहीं हुई थी। उन्होंने बैंकिंग सेक्टर की चमक समस्या को हैंडल करने के तरीकों की भी आलोचना की और कहा कि चूक की आशंका अगर सच साबित होती है, तो इससे वित्तीय प्रणाली में तबाही आ जाएगी।
बेकार हो गया
बफेट ने बर्कशायर के आउटलुक मीटिंग में बैंकिंग क्राइसिस को लेकर फ्रैंक चर्चा की। उन्होंने कहा कि सिलिकॉन वैली बैंक, सिग्नेचर बैंक और फर्स्ट रिपब्लिक बैंक के डूबने के मामलों को किस तरह से नेताओं, पत्रकों और प्रेस ने संभाला, वह एक दम गलत था और इसके कारण उनके संबंधित जमाकर्ताओं के मन में अनावश्यक रूप से बैठे रहे।
अभी भी अमेरिका पर भरोसा है
दिग्गज निवेशक ने कहा कि इसकी प्रकृति खतरनाक है। अगर लोगों के मन में यह डर जाए कि सुरक्षित रूप से उनका पैसा सुरक्षित नहीं है, तो ऐसी स्थिति में आप उद्योग को नहीं चला सकते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी संबद्धता के बाद भी अमेरिका पर उनकी गारंटी कम नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि आज के समय में भी वे अमेरिका में ही बनना चाहेंगे।
कंपनी को हुई तगड़ी कमाई
इससे पहले बफेट की कंपनी बर्कशायर ने मार्च तिमाही का वित्तीय परिणाम जारी किया था। कंपनी तिमाही के दौरान 35.5 करोड़ डॉलर की हो गई। कंपनी ने इस दौरान 4.4 बिलियन डॉलर के शेयर की पुनर्खरीद की। बर्कशायर को जब लगता है कि उसके शेयर अंडरवैल्यूड हैं, तब वह खुद ही अपने स्टॉक को खरीदता है। वहीं दूसरी ओर कंपनी ने तिमाही के दौरान दूसरे ऑब्जर्वेटिव के 13.3 बिलियन डॉलर के शेयर बेचे।
बफेट के पास इतना दौलत है
वारेन बफेट शेयर बाजार में पैसे कमाने वाले बन गए हैं। वह कई बार दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति भी रह जाते हैं। अभी वह 113 बिलियन डॉलर की नेटवर्थ के साथ दुनिया के पांच सबसे अमीर व्यक्ति हैं। 92 साल की उम्र के बफेट 1965 से ही बर्कशायर को संभाल रहे हैं। उनकी गिनती दुनिया के सबसे बड़े दानवीरों में होती है। अभी तक वह 51 बिलियन डॉलर से ज्यादा दान कर चुके हैं। उन्होंने अपनी कुल संपत्ति का 99 प्रतिशत दान करने का वादा किया है।
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