क्यों हर साल देश छोड़ते हैं हजारों अरबपति? मोहनदास पाई ने बताया कारण
हाल ही में एक खबर आई, जो खूब चर्चा में रही कि इस साल भी हजारों अमीर लोग भारत में रहने (HNIs Migration) की तैयारी में हैं और वे दूसरे देशों में बसने वाले हैं। यह कोई नई बात नहीं है। हर साल हजारों की संख्या में अमीर भारतीय देश छोड़कर चले जाते हैं और अमेरिका व यूरोप आदि में बस जाते हैं। देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इंफोसिस के पूर्व सीएफओ एवं प्रख्यात चार्टर्ड अकाउंटेंट मोहनदास पाई (टीवी मोहनदास पाई) ने इसका कारण बताया है।
बहुत अमीर आराम करने वाले हैं देश
सबसे पहली रिपोर्ट की बात। हेनली प्राइवेट वेल्थ माइग्रेशन रिपोर्ट 2023 (हेनले प्राइवेट वेल्थ माइग्रेशन रिपोर्ट 2023) में कहा गया है कि इस साल भारत से करीब 6,500 अमीर लोग अन्य देशों में पलायन कर सकते हैं। यह पात्र साल भर पहले की तुलना में कुछ कम है। साल 2022 में नेटवर्किंग के तरीके पर करीब 7,500 अमीर भारतीयों का पलायन हुआ था। हालांकि इस कमी के बाद भी भारत अरबपतियों के पलायन के बंधन से टॉप-5 में शामिल है।
टैक्स आतंकवाद को जिम्मेदार बताया
मणिपाल ग्रुप के अध्यक्ष मोहनदास पई ने इसी से जुड़ी एक खबर को ट्विटर पर शेयर करते हुए प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अमीर भारतीयों के खातों को एक्ट को बताया और कहा कि इसके लिए टैक्स टेररिज्म (टैक्स टेररिज्म) जिम्मेदार है। टैक्स आतंकवाद एक शब्द है, जिसे किसी देश की काफी शीर्ष व्यवस्था की आलोचना में इस्तेमाल किया जाता है। दूसरे शब्दों में कहें तो पाई के अनुसार, अमीर भारतीयों के पलायन की वजह से भारत में लगने वाला ज्यादा टैक्स है।
एचएनआई के लिए बढ़ना मुश्किल हैं
उन्होंने आगे कहा कि वित्त मंत्रालय भारत में एचएनआई यानी हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स के लिए रहना मुश्किल बना रहा है। वे टीसीएस जैसे जटिल विकल्पों को आसान बनाने की भी मांग करते हैं। उन्होंने खबर को शेयर करते हुए लिखा, 2023 में भारत 6,500 अमीरों का नुकसान उठाने वाला है, जिनका दुबई और सिंगापुर पसंदीदा विकल्प है। यह काफी हद तक है। वित्त मंत्रालय एचनी के जीवन को कठिन बना रहा है। टीसीएस (टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स) जैसी बहुत अधिक टैक्स टेररिज्म और बहुत सी कॉम्प्लिकेशन को आसान बनाने की जरूरत है।

पहले भी टीसीएस की आलोचना कर चुके हैं
मोहनदास पाई इससे पहले भी टीसीएस के निर्धारण निर्धारण की आलोचना कर चुके हैं। हाल ही में इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर में उनके द्वारा कहा गया था कि विदेश यात्रा के दौरान क्रेडिट कार्ड से पात्रता पर 20 प्रतिशत के दर से टीसीएस कलेक्ट करने का निर्णय विशेष सुई की जगह तलवार का उपयोग करना है।
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