सनातन संस्कृति में नारी का पूरा सम्मान दिया गया : गौरदास

श्री शिव महापुराण कथा एवं रुद्राभिषेक में गद्दी का पूजन करते श्रद्धालु
श्री शिव महापुराण कथा एवं रुद्राभिषेक में कथावाचक ने डाला प्रकाश
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहजहांपुर। आदर्श दिव्यांग कल्याण संस्थान की ओर से जीआईसी खेल मैदान पर श्री शिव महापुराण कथा एवं रुद्राभिषेक का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें मंगलवार को कथावाचक ने सनातक संस्कृति में शक्ति अर्थात नारी को पूरा सम्मान दिए जाने पर प्रकाश डाला।
कथावाचक गौरदास महाराज ने कहा कि सनातन धर्म में पूरे ब्रह्मांड में शक्ति यानि नारी को पूर्ण सम्मान दिया गया है। श्री कृष्ण जन्माष्टमी व श्री रामनवमी जैसे त्योहारों को वर्ष में एक बार मनाया जाता है लेकिन नवरात्र ऐसा पर्व है, जोकि वर्ष में चार बार मनाया जाता है। दो बार प्रकट और दो बार गुप्त नवरात्र होते हैं।
उन्होंने कहा कि सनातन हिंदू धर्म में कथा, यज्ञ आदि अनुष्ठान के दौरान पति के साथ धर्मपत्नी का होना अति आवश्यक है। दोनों का गठजोड़ होने के साथ ही धर्म के शेष कार्य संपन्न हो पाते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे शास्त्रों में वर्णित है कि पति जो भी धर्म पुण्य का काम करता है उसका आधा फल उसकी पत्नी को मिलता है और जो पाप करता है उसका सारा फल उसे ही भोगना पड़ता है।
पत्नी जो भी धर्म, दान, पुण्य काम करती है सारा फल उसको ही मिलता है। इसमें पति शामिल नहीं है, लेकिन धर्मपत्नी से कोई पाप हो जाता है तो आधा फल उसके पति को भोगना पड़ता है। ऐसा इसलिए है कि धर्मपत्नी पर गृहस्थी चलाने, संतान उत्पन्न करने, उनका पालन एवं रक्त की शुद्धता का भार होता है।
इससे पहले आचार्य विवेकानंद शास्त्री ने शिव महापुराण आयोजन के अध्यक्ष दीपक शर्मा व उनकी पत्नी मीना शर्मा से पूजन कराया। इस मौके पर कथा के मुख्य आयोजक हरीशरण वाजपेयी, संस्थान के प्रदेश सचिव नीरज वाजपेयी, भाजपा नेता जेपी मिश्रा, सतीश वर्मा, महेश चंद्र सक्सेना, राजीव रस्तोगी, राजेंद्र गुप्ता, मनोज गुप्ता, मिंटू, आदि मौजूद रहे।

श्री शिव महापुराण कथा एवं रुद्राभिषेक में गद्दी का पूजन करते श्रद्धालु