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महंगे कर्ज या व्याज के बोझ से मिलेगी राहत? बस 3 दिन में हो जाएगा आपका ईएमआई का फैसला

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पिछले एक साल की अवधि में देश में हर तरह का कर्ज तेजी से महंगा हुआ है। चाहे होम लोन (होम लोन) हो या कार लोन (कार लोन), पर्सनल लोन (पर्सनल लोन) हो या कोई अन्य ईएमआई (ईएमआई)… हर किसी को अब ज्यादा पैसे भर रहे हैं। इस कारण लोग लंबे समय से इस मोर्चों पर राहत की उम्मीद कर रहे हैं। अब यह प्रतीक्षा समाप्त हो रही है, क्योंकि इस बारे में निर्णय लेने के लिए रिजर्व बैंक की अहम बैठक सोमवार से शुरू हो रही है।

साल भर में इतनी वृद्धि हुई है

दुनिया भर में रिकॉर्ड स्तरों पर पहुंचें (मुद्रास्फीति) को चकमा देने के लिए केंद्रीय विषयों में ब्‍याज सम्‍पर्क बढ़ाने (ब्याज दर में वृद्धि) का सहयोग लिया। भारत में भी इस मामले में अपवाद नहीं हो रहा है और रिजर्व बैंक ने तेजी से मेगा प्लान (RBI Repo Rate Hike) आवर्धन. पिछले साल मई में रिजर्व बैंक ने द्विपक्षीय नीति समिति की बैठक कर ध्यान केंद्रित करने की शुरुआत की। उसके एक साल बाद रेपो रेट 2.50 सेंट सींक हो गया।

अभी इतना है नीतिगत दर

लाईयर पर लगाम लगाने के लिए मई 2022 के बाद लगातार वृद्धि के कारण नीतिगत दर रेपो फरवरी 2023 में 6.5 प्रतिशत पर पहुंच गया था। उसके बाद रिजर्व बैंक की कार्यकारी नीति समिति की बैठक अप्रैल 2023 में हुई, जो चालू वित्त वर्ष के दौरान एमपीसी की पहली बैठक हुई थी। रिजर्व बैंक ने उस बैठक में रेपो रेट को यथावत रखने का फैसला किया। इस तरह अभी रेपो रेट 6.5 प्रतिशत है।

रेपो रेट स्थिर रहने की उम्मीद है

पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक आरबीआई अप्रैल महीने के दौरान मुद्रा में गिरावट और आगे इसमें और राहत मिलने की उम्मीद के कारण आठ जून को कमी दर रेपो को 6.5 प्रतिशत पर यथावत रख सकता है। यह धारणा है कि यदि रिजर्व बैंक सब्सक्राइबर स्थिर रहता है तो इससे इस बात का संकेत जाएगा कि वह तत्वों को नियंत्रित करने के लिए अब जो उपाय करते हैं, वे प्रभावी साबित होते हैं।

पैसा रीलों

8 जून को सामने नतीजे आए

रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास की भ्रष्टाचारी छह सदस्यीय खाता नीति समिति यानी एमपीसी की बैठक छह जून मंगलवार से शुरू हो रही है। यह बैठक आठ जून गुरुवार तक निकाली गई। बैठक के बाद प्राधिकरण के गवर्नर शक्तिकांत दास ने गुरुवार को दस्तावेज की जानकारी देंगे। यह चालू की वित्त वर्ष के दौरान नीतिगत नीति समिति की दूसरी और अब तक की 43वीं बैठक होगी।

अभी बहुत कुछ विवरण है

एमपीसी की यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के रूप में विवरण अप्रैल में 18 महीने के निचले स्तर 4.7 प्रतिशत पर आधारित है। माइक्रोफोन गवर्नर ने हाल ही में संकेत दिए थे कि मई में यह बैंक अप्रैल से भी नीचे जा सकता है। मई महीने के लिए दस्तावेजों की आंकड़े की बैठक 12 मई को सामने आएगी। ऐसे में व्याकुलता बढ़ने की आशंका कम हो जाती है।

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